संसद भवन के विधि मंत्रालय में मुलाकात के दौरान कानपुर के अधिवक्ताओं ने राम जेठमलानी को बताया कि सीपीसी में संशोधन को देशभर के अधिवक्ता संघों से सलाह के बाद लागू करने की बात कही जा रही है लेकिन इसमें सिर्फ सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट बार संघ के प्रतिनिधि ही हैं।
जिला बार का कोई प्रतिनिधि नहीं है। इस तर्क से प्रभावित होकर जेठमलानी ने कानून सभा में जिलों की ओर से प्रतिनिधित्व करने का दायित्व कानपुर बार एसोसिएशन को सौंपा था। कानपुर बार एसोसिएशन के तत्कालीन महामंत्री अजित शुक्ला ने सभी जिलों का प्रतिनिधित्व किया था।
जब भी कोई तर्क करता है तो कहा जाता कि बड़े जेठमलानी बन रहे हो। अधिवक्ता व्यवसाय का एकमात्र सूर्य थे, जिनकी मिसाल दी जाती थी, सुपरलेटिव डिग्री वाले व्यक्तित्व का निधन होने से देश को अपूर्णनीय क्षति हुई है।
दिनेश शुक्ला, अध्यक्ष, लायर्स एसोसिएशन
विधि व्यवसायी ही नहीं राजनीति के क्षेत्र में भी राम जेठमलानी का नाम हमेशा याद किया जाएगा। कानपुर बार एसोसिएशन को गौरव प्रदान करने वाले गौरवशाली व्यक्तित्व के निधन से देश भर में शोक का माहौल है।
श्यामजी श्रीवास्तव, अध्यक्ष, बार एसोसिएशन