एटीएम मशीन में छेड़छाड़ कर रुपये जमा करने के बहाने बैंक को शातिरों ने 33 दिन में 1.39 करोड़ रुपये का चूना लगा दिया। आरोपियों ने किदवईनगर और सीसामऊ स्थित बैंक के एटीएम मशीनों में सेंधमारी की। इनमें पहले रुपये जमा किए और फिर नकदी वाली ट्रे को चाभी से खोलकर जमा किए रुपये निकाल लिए। ये रुपये शातिरों ने 21 मार्च से 24 अप्रैल के बीच निकाले हैं। नकदी का हिसाब किताब न मिलने पर बैंक की ओर से किदवईनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
एटीएम के फुटेज खंगालने के बाद बुधवार को पुलिस ने तीन संदिग्धों को पकड़ा तो सारा खेल खुल गया। पुलिस ने 19.15 लाख की नकदी, चाभी और घटना में इस्तेमाल कार बरामद की है। डीसीपी दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बैंक के एटीएम में नकदी जमा करने वाली कंपनी हिटाची पेमेंट सर्विसेज के असिस्टेंट मैनेजर घनश्याम ओमर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस गिरफ्त में आरोपी
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उनके अनुसार किदवईनगगर जी ब्लॉक स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम से इस साल 21 मार्च से 24 अप्रैल के बीच 1 करोड़ 38 लाख 91 हजार 500 रुपये गायब हुए हैं। फुटेज देखने पर पता चला कि कुछ युवक मशीन की ट्रे में रुपये डालने के बाद नीचे से चाभी लगा कर निकाल लेते हैं।
किदवईनगर थाना
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पुलिस ने फुटेज के आरोपी की तलाश शुरू की तो उसकी पहचान हिटाची कंपनी में कस्टोडियन का काम करने वाले बिठूर के मकसूदाबाद निवासी दीपक जायसवाल के रूप में हुई। उसे पकड़ा तो उसने सारी हकीकत बयां कर दी। बताया कि 15 बैंक खातों में रुपये जमा किए जाते और फिर उन्हीं के डेबिट कार्ड से रुपये निकाल लिए जाते।