जरीब चौकी चौराहा- दोपहर 2:15 बजे
चौराहे पर ऑटो चालक झुंड में खड़े होकर सवारियां भर रहे थे। आती-जाती महिला सवारियों को वाहन पर बैठाने के बहाने उन्हें छूने की कोशिश करते दिखे। इस पर कई महिलाएं एकदम से चौक गईं। कुछ महिलाओं ने इसका विरोध किया तो कहने लगे कि आपको छेड़ नहीं रहे हैं, सवारी बैठा रहे हैं। यहां मौजूद महिला ने बताया कि कभी-कभी वह अकेले तो कभी पति के साथ सफर करती है। कई बार पति की चालकों से इसी बात पर बहस भी हो गई। हर बार बात बढ़ने पर चालक झुंड में इकट्ठा हो जाते हैं तो चुपचाप वापस जाना पड़ा।
फजलगंज चौराहा- दोपहर 2:45 बजे
यहां भी ऑटो, ई-रिक्शा चालक झुंड में खड़े थे। सवारियां बैठाते और उतारते समय वह महिलाओं को छू रहे थे। इससे महिलाएं बचकर निकलती नजर आईं। बच्ची को ट्यूशन से लेकर घर जा रही महिला ने बताया कि वह हर रोज अर्मापुर से फजलगंज अपनी बच्ची को लेकर आती हैं। कॉलेज जाने वाली छात्राएं, कामकाजी महिलाएं भी इन ऑटो चालकों की गंदी हरकतों का शिकार हो रही हैं। ऑटो चालक जानबूझकर धक्का-मुक्की करते हैं। विरोध करने पर बहस पर उतर आते है। चालक महिलाओं के सामने आपस में अभद्रता से बात करते हैं, टोको तो कहते हैं आपसे क्या मतलब।
विजयनगर चौराहा- दोपहर 3:15 बजे
चौराहे पर ऑटो, टेंपो चालक तेज आवाज में रास्ता घेरते हुए और हाथ चलाते हुए सवारियां बिठा रहे थे। इस पर महिलाएं खुद को बचाते हुए इन चालकों के पास से गुजर रही थीं। इस दौरान कुछ महिलाओं के हाथ लगे तो उन्होंने इस पर आपत्ति भी जताई पर चालकों पर इसका कोई असर नहीं हुआ। विजयनगर से हैलट जा रही एक महिला स्वास्थ्य कर्मी ने बताया कि इन स्टैंडों के पास अभी भी कोई महिला सुरक्षित नहीं है। यहां दिन में भी महिलाओं से अभद्रता होती है। चालक महिलाओं को बैठाने और सामान रखने के दौरान किसी न किसी बहाने छेड़छाड़ करते हैं।
ऑटो-टेंपो चालकों की मनमानी
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