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Kanpur: ऐतिहासिक लाल इमली मिल की घड़ी का एक हिस्सा और टूटा, कर्मचारियों ने सुई-मशीनरी गायब होने की जताई आशंका

Thu, 18 Jun 2026 10:41 PM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: चार दिशाओं की घड़ी में सिर्फ एक हिस्सा बचा है। कर्मचारी संगठन ने मामले की जांच कराने की मांग उठाई है।
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लाल इमली की टूटी हुई घड़ी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर की ऐतिहासिक लाल इमली मिल में लगी चार दिशाओं वाली घड़ी में तीसरे ओर का हिस्सा गुरुवार को टूटा मिला। इससे पहले दो तरफ का हिस्सा टूट गया था। इससे अब केवल एक छोर की ही घड़ी बची है। कर्मचारियों ने घड़ी की कुछ सुई और मशीनरी गायब होने की आशंका जताई है। कर्मचारी संगठन ने मामले की जांच कराने की मांग उठाई है।
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लाल इमली कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अजय सिंह ने बताया कि गुरुवार को सभी कर्मचारियों ने देखा कि मिल की साइड और सड़क की साइड की घड़ी का हिस्सा टूटा है। चुन्नीगंज चौराहा से मर्चेंट चैंबर की ओर जाने वाली दिशा के भाग का कांच पहले ही टूट चुका है। आशंका है कि चोरी की मंशा के चलते ऐसा किया गया है। अजय ने कहा कि कोई भी व्यक्ति बाहर से इसे नहीं तोड़ सकता है। यहां पर कोई भी सुरक्षा कर्मचारी भी नहीं है। विभाग के एक अधिकारी के पास सारे चार्ज हैं लेकिन वो कुछ भी नहीं कर रहे हैं।


 
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कभी पूरे शहर को बताती थी समय
1876 में स्थापित लाल इमली मिल (ब्रिटिश इंडिया कॉर्पोरेशन) एशिया की पहली ऊनी मिलों में से एक थी। इसके हूटर और 128 फीट ऊंचा घंटाघर (क्लॉक टावर) शहर की पहचान हुआ करते थे। ससके शीर्ष पर लगी चार दिशाओं की घड़ियां कभी मिल के कर्मचारियों और पूरे शहर को समय का सटीक संकेत देती थीं। यह क्लॉक टावर 1911 से 1921 के बीच 10 वर्षों में बनकर तैयार हुआ था। लंबे समय से रखरखाव के अभाव के अब इस विरासत को नुकसान पहुंचा है। वर्षों से घड़ी बंद है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत घड़ी के आसपास के हिस्सों की करोड़ों खर्च करके के कुछ साल पहले फेस लिफ्टिंग भी कराई गई थी। लाइटें भी लगाई गई थी। जो कभी जलती तो कभी बुझ जाती हैं।
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