राजधानी की मेट्रो परियोजना से कानपुर उन्नाव को जोड़ा जाएगा। इससे शहर के उद्योग और व्यापार को काफी फायदा होगा।
यह फैसला कमिश्नर इफ़्तिखारुद्दीन, जिलाधिकारी डॉ. रोशन जैकब और केडीए वीसी जयश्री भोज की बुधवार को मुख्य सचिव आलोक रंजन के साथ हुई बैठक में लिया गया।
मंडलायुक्त ने बताया कि इस परियोजना पर आपसी सहमति बन गई है। जल्द ही इसकी एक फिजिबल रिपोर्ट तैयार की जाएगी। शासन ने इसके लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (लीडा), केडीए और यूपीएसआईडीसी को नोडल एजेंसी के रूप में चुना है।
मुख्य सचिव की तरफ जारी निर्देश में कहा गया है कि उन्नाव और कानपुर राजधानी से सीधे जुड़े हैं। इसलिए मेट्रो परियोजना का लाभ इन दोनों शहरों को मिलेगा। इसी वजह से यह कवायद शुरू की गई है।
उन्होंने फिजिबल रिपोर्ट का परीक्षण करने के लिए टीम बनाई है, जिसमें कमिश्नर, डीएम, केडीए वीसी के अलावा समन्वयक के रूप में नीरज श्रीवास्तव को रखा गया है।
फिजिबल रिपोर्ट पर खर्च होने वाली राशि का भुगतान लीडा, केडीए और यूपीएसआईडीसी के माध्यम से होगा।
मंडलायुक्त ने बैठक से लौटकर बताया कि कानपुर से लखनऊ वाया उन्नाव तक मेट्रो को बैराज की तरफ से जोड़ा जाएगा। मुख्य सचिव ने इस काम को तेजी से करने के आदेश भी दिए हैं।