गुरुग्राम से लाया था माल
एडीसीपी ऑपरेशन के मुताबिक अमेरिकन ऑरिजनल गैंगस्टर गांजे का नशा बैंकॉक, चीन और कई यूरोपीय देशों में किया जाता है। कई बार तस्करी करने वाल चोरी छिपे नेपाल, बांग्लादेश और अन्य देशों से ले आते हैं। इन एशियाई देशों से गांजा देश में आ जाता है। इसकी छोटी छोटी पुड़िया बनाई जाती है। यह कंसंट्रेटेड फार्म में रहता है।
रावतपुर से गिरफ्तार गांजे की सप्लाई करने वाले गिरोह के सदस्य
- फोटो : amar ujala
टीएचसी की मात्रा दस गुना ज्यादा
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सामान्य गांजे में टेट्राहाइड्रोकैनाबिनोल (टीएचसी) की मात्रा केवल तीन प्रतिशत होती है जबकि अमेरिकन ऑरिजन गैंगस्टर में 30 फीसदी रहती है। इसके उपयोग से दिमाग की तंत्रिका तुरंत प्रभावी होती है। यह खुशी, आनंद और दिमाग को सक्रिय करती है। छात्र अधिकतर इसका उपयोग सक्रियता के लिए करते हैं लेकिन इसके दूरगामी परिणाम खतरनाक होते हैं।
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गुस्सा, नाराजगी, जान देने का करता मन
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मनोरोज विभागाध्यक्ष प्रो. धनंजय चौधरी ने बताया कि शुरुआत में गांजा और अन्य सूखा नशा करने वालों को बेहतर महसूस होता है लेकिन इसके परिणाम काफी भयानक होते हैं। इसकी वजह से गुस्सा, नाराजगी और जान देने का मन करता है।
आरोपियों से बरामद गांजा
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शहर के कुछ शिक्षण संस्थानों में प्रीमियम और सामान्य गांजे की सप्लाई होने की जानकारी हुई है। छात्र इनका उपयोग कर रहे हैं। उनके अधिकारियों को सूचना दे दी गई है। जल्द ही अभियान चलाकर छात्रों को जागरूक किया जाएगा। -डॉ. विपिन ताडा, अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था