शर्तें तब लागू होंगी, जब जेल से रिहाई होगी
इसके अलावा जब तक जांच पूरी नहीं हो, जाती तब तक महीने के हर दूसरे सप्ताह में विवेचक के सामने हाजिर होगा। हालांकि, यह शर्तें तब लागू होंगी, जब अखिलेश की जेल से रिहाई होगी। फिलहाल दूसरे मुकदमों में जमानत न मिलने के कारण अभी उसे जेल में ही रहना पड़ेगा।
केस- 1
स्वरूप नगर निवासी कारोबारी सुरेश पाल ने किदवईनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि उनका बार-रेस्टोरेंट का व्यापार है। अखिलेश ने उनसे अवैध धन की मांग की। कई बार रुपये भी दिए लेकिन पूरी रकम न दे पाने पर वर्ष 2022 में अधिवक्ता अखिलेश दुबे द्वारा साजिश के तहत उन्हें दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाया गया और इससे बचाने के लिए उनसे ढाई करोड़ रुपये की रंगदारी वसूली गई।
केस- 2
कोतवाली में अधिवक्ता संदीप शुक्ला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि उन्होंने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले हिस्ट्रीशीटर पप्पू स्मार्ट के गिरोह के लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इससे रंजिश मानकर गिरोह के लोगों ने अखिलेश दुबे के साथ मिलकर उन्हें पॉक्सो एक्ट के दो झूठे मुकदमों में फंसा दिया और इन्हें खत्म कराने के नाम पर दस लाख रुपये रंगदारी मांगी।
केस- 3
मोईनुद्दीन आसिफ जाह शेख आसिफ जाह ने ग्वालटोली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि वक्फ की संपत्ति पर अखिलेश व उसके साथियों ने धोखे से कब्जा कर लिया। जमीन पर बड़ी-बड़ी इमारतें व गेस्ट हाउस बनाकर करोड़ों रुपये कमाए। उससे रंगदारी मांग गई। अखिलेश ने सब इंस्पेक्टर सभाजीत को घर भिजवाकर धमकी दिलवाई। उसकी हत्या की कोशिश की गई।
केस- 4
सच का आईना संस्था के महामंत्री रहे हंसपुरम नौबस्ता निवासी शैलेंद्र कुमार ने किदवईनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि साकेतनगर में किशोरी वाटिका चलाने की शिकायत उन्होंने अफसरों से की थी। इस पर एक पत्रकार के माध्यम से 20 लाख रुपये रंगदारी मांगी गई। बाद में अखिलेश ने धोखे से कार्यालय में बुलाकर मारापीटा, रिवाल्वर मुंह में डालकर मारने की धमकी दी।
केस- 5
होटल की मालकिन रहीं प्रज्ञा त्रिवेदी ने कोर्ट के आदेश पर 31 जनवरी 2011 को जूही थाने में अजय निगम और चार अज्ञात लोगों के खिलाफ गाली-गलौज, मारपीट, बलवा व डकैती के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मुकदमे में उसी दिन एफआर लग गई थी। अखिलेश के जेल जाने के बाद प्रोटेस्ट दाखिल किया और कोर्ट ने अग्रिम विवेचना के आदेश कर दिए। इसमें भी अखिलेश के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई है।