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Kanpur: बढ़ी धाराओं में भी अखिलेश दुबे को मिली जमानत, अधिवक्ता संदीप ने दर्ज कराई थी रंगदारी की रिपोर्ट

Tue, 07 Oct 2025 11:35 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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अधिवक्ता अखिलेश दुबे - फोटो : अमर उजाला
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पिछले एक माह से जेल में बंद अखिलेश दुबे को बड़ी राहत मिली है। कोतवाली में अधिवक्ता संदीप शुक्ला की ओर से दर्ज कराए गए रंगदारी के मुकदमे में विवेचक द्वारा बढ़ाई गई धाराओं में भी अखिलेश को अपर जिला जज प्रथम सुदामा प्रसाद की अदालत से जमानत मिल गई है। ऐसे में उसके जल्द जेल से बाहर आने को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं हैं।
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कोतवाली में अधिवक्ता संदीप शुक्ला ने अखिलेश दुबे व पप्पू स्मार्ट समेत 10 नामजद लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि उन्होंने राजा ययाति के किले और लोक निर्माण विभाग की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले हिस्ट्रीशीटर पप्पू स्मार्ट के गिरोह के लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि रंजिश मानकर गिरोह के लोगों ने अखिलेश दुबे के साथ मिलकर उन्हें पॉक्सो एक्ट के दो झूठे मुकदमों में फंसा दिया। इन्हें खत्म कराने के नाम पर 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी।

प्रतिष्ठा बचाने के लिए उन्होंने एक लाख रुपये दिए। इसके बाद भी यह लोग नहीं रुके। इस मामले में पुलिस ने रंगदारी वसूलने, गाली-गलौज और धमकाने के आरोप में धारा 388, 504 व 506 में रिपोर्ट दर्ज की थी। इस मुकदमे में अखिलेश को दो सितंबर को सेशन कोर्ट से जमानत मिल गई थी। विवेचक ने इस मुकदमे में किसी को चोट पहुंचाने के इरादे से झूठा आरोप लगाने और झूठे साक्ष्य गढ़ने से संबंधित दो अन्य धाराएं 195 व 211 की बढ़ोतरी की थी। अखिलेश की ओर से दोबारा जमानत अर्जी दाखिल की गई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अखिलेश की बढ़ी हुई धाराओं में भी जमानत अर्जी स्वीकार कर ली।
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अखिलेश दुबे - फोटो : amar ujala
दो में मिली, एक में खारिज हुई जमानत
अखिलेश दुबे के खिलाफ अब तक कुल पांच एफआईआर दर्ज हुई हैं। इनमें से रवि सतीजा और सुरेश पाल के मुकदमों में अखिलेश की जमानत अर्जियां खारिज हो चुकी हैं जबकि शैलेंद्र कुमार और संदीप शुक्ला के मुकदमों में अखिलेश को जमानत मिल गई है। वक्फ की संपत्ति पर कब्जे से संबंधित मुकदमे में अखिलेश की जमानत अर्जी पर सुनवाई 10 अक्टूबर को जिला जज की अदालत में होनी है।

मुकदमों में बाद में बढ़ाई गई धाराएं
अखिलेश के खिलाफ दर्ज मुकदमों में विवेचना के दौरान बाद में कई धाराओं की बढ़ोतरी की गई। रवि सतीजा द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे में तो विवेचक ने दो बार में तीन धाराएं बढ़ाईं। हालांकि इसका लाभ अभियोजन को मिला और अखिलेश की जमानत सेशन कोर्ट से खारिज हो गई। किदवईनगर में सुरेश पाल वाले मुकदमे में भी धाराएं बढ़ाई गईं थीं और इसमें भी अभियोजन जमानत अर्जी खारिज कराने में कामयाब रहा। संदीप शुक्ला और शैलेंद्र कुमार के मुकदमों में अभियोजन का दाव काम नहीं आया और दोनों ही मुकदमों में धाराओं की बढ़ोतरी के बावजूद अखिलेश को जमानत मिल गई।

हाईकोर्ट में दाखिल की हैं याचिकाएं
भाजपा नेता रवि सतीजा से संबंधित मुकदमों में अखिलेश की ओर से हाईकोर्ट में जमानत याचिकाएं दाखिल कर दी गईं हैं जिन पर सुनवाई होनी है। वहीं व्यापारी सुरेश पाल से संबंधित मुकदमे में एफआईआर निरस्त कराने के लिए याचिका दाखिल की गई थी जो अभी लंबित है। इसमें 14 अक्टूबर को सुनवाई होनी है। इस मुकदमे में दूसरे आरोपी लवी मिश्रा को हाईकोर्ट से 26 सितंबर को जमानत मिल चुकी है।
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