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Kanpur: व्यापारी से ढाई करोड़ की रंगदारी वसूलने के मामले में अखिलेश को नहीं मिली जमानत

Wed, 10 Sep 2025 09:37 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: मामले में अखिलेश के साथ जेल भेजे गए लवी मिश्रा की जमानत अर्जी पहले खारिज हो चुकी है। 
 
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अखिलेश दुबे - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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पॉक्सो के झूठे मुकदमे में फंसाकर व्यापारी से ढाई करोड़ रुपये की रंगदारी वसूलने वाले अखिलेश दुबे की जमानत अर्जी जिला जज चवन प्रकाश ने खारिज कर दी है। इस मुकदमे में अखिलेश के साथी आयुष उर्फ लवी मिश्रा की जमानत अर्जी पहले ही खारिज हो चुकी है।
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किदवई नगर थाने में सुरेश पाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि उनका बार-रेस्टोरेंट का व्यापार है। अखिलेश दुबे के साथ मिलकर आयुष ने सुरेश पाल से रंगदारी मांगी थी। रुपये न देने पर झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भिजवाने की धमकी दी। सुरेश ने डरकर कई बार रुपये अखिलेश व आयुष को दिए लेकिन पूरे रुपये न दे पाने पर अखिलेश ने अपने गैंग की महिला से मिलकर नौबस्ता थाने में उसके खिलाफ दुष्कर्म का झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया और ढाई करोड़ रुपये रंगदारी मांगी। रुपये देने पर मुकदमे में एफआर लगवा दी गई। शिकायत करने पर जानमाल की धमकी दी गई। इस मुकदमे में अखिलेश और आयुष को जेल भेजा गया है। आयुष की जमानत अर्जी खारिज हो चुकी थी। अखिलेश की जमानत अर्जी पर जिला जज की अदालत में सुनवाई हुई।
 
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अखिलेश दुबे और लवी मिश्रा - फोटो : amar ujala
डीजीसी व एडिशनल डीजीसी की ओर से तर्क रखा गया कि विवेचना के दौरान कई गवाहों ने अखिलेश के खिलाफ बयान दर्ज कराए हैं जिसके आधार पर धाराएं बढ़ाई गई हैं। पॉक्सो एक्ट का झूठा मुकदमा दर्ज कराने वाली महिला की तलाश जारी है। अखिलेश के खिलाफ कई और मुकदमे दर्ज हैं। संगठित रूप से इस तरह के अपराध करता है। वहीं, अखिलेश के अधिवक्ता का तर्क था कि ज्यादातर धाराएं जमानतीय हैं सिर्फ रंगदारी से संबंधित एक धारा अजमानतीय है लेकिन उसमें सात वर्ष तक की सजा का ही प्रावधान है। अखिलेश ने कोई अपराध नहीं किया है, रंजिशन झूठा फंसाया गया है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अपराध को गंभीर मानते हुए अखिलेश की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

एक अन्य मुकदमे में भी खारिज हो चुकी है जमानत
भाजपा नेता रवि सतीजा की ओर से बर्रा थाने में दर्ज कराए गए रंगदारी मांगने के मुकदमे में भी अखिलेश दुबे की जमानत अर्जी खारिज हो चुकी है। सुरेश पाल के मुकदमे में भी अर्जी खारिज होने के बाद अब दोनों मुकदमों में जमानत के लिए अखिलेश को हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा। हालांकि, कोतवाली में अधिवक्ता की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में अखिलेश को सेशन कोर्ट से जमानत मिल गई थी।
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