कानपुर में भाजपा नेता को झूठे मुकदमे में फंसाकर रंगदारी मांगने और धमकाने के मामले में जेल भेजे गए अधिवक्ता अखिलेश दुबे और आयुष उर्फ लवी मिश्रा पर विवेचक ने सबूतों के आधार पर दो और धाराएं बढ़ाई थीं। इन धाराओं में दोनों की न्यायिक हिरासत सीजेएम कोर्ट ने मंजूर कर ली है। वहीं, कोतवाली में अधिवक्ता की ओर से दर्ज कराए गए रंगदारी वसूलने से संबंधित मुकदमे में भी अखिलेश दुबे की न्यायिक हिरासत मंजूर हो गई है।
कड़ी सुरक्षा में दोनों को सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। जहां से न्यायिक हिरासत मंजूर होने के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया। भाजपा नेता रवि सतीजा ने पॉक्सो एक्ट के तहत झूठा मुकदमा दर्ज कर रंगदारी मांगने के आरोप में अखिलेश दुबे व उसके साथियों पर बर्रा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मुकदमे में विवेचक ने कोर्ट से सात धाराओं में अखिलेश व लवी की न्यायिक हिरासत मंजूर करने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने पर्याप्त सबूत न होने पर सिर्फ तीन धाराओं में ही न्यायिक हिरासत मंजूर की थी।