फ्लाइट इंस्ट्रक्टर को भी ड्यूटी से हटा दिया था
28 जून को मामले की जांच के लिए जब नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) की टीम कानपुर पहुंची तो खुलासा हुआ था। हादसे के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने हादसे से संबंधित विमान की उड़ान पर रोक लगा दी गई। संबंधित फ्लाइट इंस्ट्रक्टर को भी ड्यूटी से हटा दिया गया था। हादसे की जांच के लिए डीजीसीए की एक विशेष टीम भी शहर आई थी। हालांकि बाद में क्लीन चिट मिल गई थी। जिस विमान को क्लीन चिट दी गई थी, उसी से दोबारा उड़ान भरने के बाद 27 अगस्त को हादसा हो गया था।
एविएशन कंपनी का लाइसेंस भी किया जा सकता है निलंबित
गर्ग एविएशन के विमानों में दो महीने में दो बड़े हादसों को विशेषज्ञों ने बड़ी चूक माना है। इस तरह के मामलों में एविएशन कंपनी का लाइसेंस भी निलंबित किया जा सकता है। हालांकि डीजीसीए की रिपोर्ट के बाद ही फैसला हो सकेगा। विशेषज्ञों के मुताबिक किसी निजी पायलट प्रशिक्षण संगठन का लाइसेंस या अनुमोदन नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (जीजीसीए) द्वारा सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन या मानकों की अनदेखी करने पर रद्द या निलंबित किया जाता है।
मानकों का पालन न करने के गंभीर आरोप लगाए
इस मामले में भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी यानी विमान, रनवे या उपकरणों का रखरखाव तय नियमों के अनुसार हो रहा है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है। यह भी देखा जाएगा कि प्री-फ्लाइट ब्रेथ एनालाइजर (शराब की जांच) टेस्ट नियमों का पालन किया गया या नहीं। जांच टीमें ये भी देख रही हैं कि प्रशिक्षण ले रहे ट्रेनी पायलटों को आपातकालीन स्थितियों के लिए सही से प्रशिक्षित किया जा रहा है या नहीं। एसोसिएशन के पत्र में भी मानकों का पालन न करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।