सचेंडी के चकरपुर उपडाकघर में सरकारी धन के गबन के चार महीने पुराने मामले में पुलिस ने एक आरोपी एजेंट आशीष सरकार को गिरफ्तार कर लिया। दो अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। यह मामला 14 जुलाई 2025 को दर्ज हुआ था। विभागीय जांच में तत्कालीन उपडाकपाल, एसएएस एजेंट और उसकी पत्नी द्वारा धोखाधड़ी कर आरडी के 8.55 लाख रुपये निजी खातों में ट्रांसफर करना पाया गया था।
सहायक अधीक्षक डाकघर (पश्चिमी) उपमंडल कानपुर नगर विष्णुकांत अग्निहोत्री ने मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप है कि तत्कालीन उपडाकपाल मारुति दीक्षित, एसएएस एजेंट आशीष सरकार और उनकी पत्नी कमला सरकार (एमपीकेबीवाई एजेंट) ने मिलीभगत कर डाक विभाग के 23 आरडी खातों में जमा धनराशि हड़प ली थी। मारुति दीक्षित ने नियमों की अनदेखी करते हुए एजेंट आशीष को फिनेकल सिस्टम (डाक विभाग की ऑनलाइन बैंकिंग प्रणाली) का यूजर आईडी और पासवर्ड दे दिया था।
आशीष ने इसका फायदा उठाते हुए ग्राहकों की सीआईएफ फाइलें (कस्टमर इंफॉर्मेशन फाइल) अपनी फाइल में मर्ज कर लीं। खातों को बंद कर इंटरनेट बैंकिंग के जरिये धनराशि अपने और पत्नी के संयुक्त खाते में स्थानांतरित कर दी। ब्याज सहित कुल गबन की राशि 8,55,413 रुपये पाई गई थी। विभाग ने मारुति दीक्षित को निलंबित कर दिया था। विभागीय जांच रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आयुक्त के निर्देश पर 14 जुलाई को मुकदमा दर्ज किया गया था। एसीपी पनकी शिखर ने बताया कि पुलिस ने फरार चल रहे आरोपी आशीष सरकार को भौती के संजय नगर इलाके से गिरफ्तार किया।