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सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन
याचिका में कहा गया कि दिल्ली के जंतर मंतर पर 20 जुलाई को छात्रों और नवजवानों के संसद मार्च प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस और आरएएफ द्वारा सरकार के इशारे पर सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हुए प्रदर्शनकारी छात्रों, जिसमें महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग भी शामिल थे, बर्बरतापूर्ण लाठी चार्ज किया गया।
कार्रवाई के लगभग 50 वीडियो भी सबूत
आंसू गैस के गोले छोड़े गए, पैलेट गन से भी फायर किए गए जिसमें कई छात्र घायल भी हो गए हैं। शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर इस तरह से बर्बरतापूर्ण हमला छात्रों के विरोध के अधिकार का खुला उल्लंघन है। पुलिस की इस क्रूरतापूर्ण कार्रवाई के लगभग 50 वीडियो भी सबूत के तौर पर एक पेनड्राइव में रखकर याचिका के साथ भेजे गए हैं।