अधिवक्ता संदीप शुक्ला की ओर से कोतवाली में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में आरोपी अखिलेश दुबे को सेशन कोर्ट से जमानत मिलने के बाद दो अन्य धाराएं बढ़ाई गई थीं। इन बढ़ी धाराओं में अखिलेश की ओर से जमानत अर्जी दाखिल की गई थी जिसे अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चतुर्थ की अदालत ने खारिज कर दिया है। अब सेशन कोर्ट में अर्जी दाखिल करनी होगी।
कोतवाली में दर्ज रिपोर्ट में कहा गया था कि संदीप ने पप्पू स्मार्ट व उसके साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इससे रंजिश मानकर पप्पू ने अखिलेश दुबे से मिलकर उन्हें पॉक्सो एक्ट के दो झूठे मुकदमों में फंसा दिया और दस लाख रुपये रंगदारी मांगी। उन्होंने एक लाख रुपये दिए लेकिन यह लोग नहीं माने। इसी मुकदमे में पहले सेशन कोर्ट से अखिलेश को जमानत मिल गई थी लेकिन बाद में विवेचक ने विवेचना में झूठे साक्ष्य देने और किसी को नुकसान पहुंचाने के लिए झूठा आरोप लगाने से संबंधित धाराओं की बढ़ोतरी की थी। बढ़ी धाराओं में अखिलेश को न्यायिक हिरासत में लिया गया था जिसके बाद अखिलेश ने दोबारा बढ़ी हुई धाराओं में जमानत अर्जी दाखिल की लेकिन इसे गंभीर अपराध मानकर कोर्ट ने अर्जी खारिज कर दी।