बुधवार को शहर के नामी अधिवक्ता अखिलेश दुबे समेत दो के खिलाफ झूठी रिपोर्ट कराकर जबरन वसूली, जालसाजी, धमकी, आपराधिक अतिचार के आरोप में एफआईआर दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार किया।
कमिश्नरी पुलिस ने ऑपरेशन महाकाल के लांच होते ही कार्रवाई शुरू कर दी है। बुधवार को शहर के नामी अधिवक्ता अखिलेश दुबे समेत दो के खिलाफ झूठी रिपोर्ट कराकर जबरन वसूली, जालसाजी, धमकी, आपराधिक अतिचार के आरोप में एफआईआर दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई भाजपा के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक रवि सतीजा की शिकायत पर हुई। पुलिस एफआईआर में दर्ज दो युवतियों समेत पांच लोगों की तलाश कर रही है।
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रवि सतीजा ने आरोपियों के खिलाफ झूठी एफआईआर कराकर फंसाने की शिकायत पुलिस कमिश्नर, डीजीपी और मुख्यमंत्री से की थी। भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने पुलिस कमिश्नर से संगठित गिरोह बनाकर फर्जी तरीके से रिपोर्ट दर्ज कराने का खेल करने की जानकारी दी थी जिसके बाद एसआईटी का गठन हुआ। एसआईटी ने जांच में रवि सतीजा के खिलाफ आरोपों को झूठा पाया था। सतीजा ने आरोपियों के खिलाफ बर्रा थाने में तहरीर दी थी।
डीसीपी दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि बर्रा पटेल चौक निवासी रवि सतीजा के ऊपर किशोरी से दुष्कर्म करने की एफआईआर दर्ज हुई थी। उस मामले में उनसे केस खत्म करने के लिए 50 लाख रुपये मांगे गए थे। उन्होंने मामले की शिकायत की, जिस पर डीसीपी क्राइम एसएम कासिम आबिदी नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया।
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एसआईटी ने सभी पहलुओं पर जांच की। घटनास्थल, गवाहों और कॉल डिटेल निकलवाई जिस पर मामला फर्जी मिला। रवि सतीजा की तहरीर पर साकेतनगर निवासी अखिलेश दुबे, लवी मिश्रा, अभिषेक बाजपेई, शैलेंद्र यादव, विमल यादव और दो बहनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इन्हीं बहनों ने वादी के खिलाफ दुष्कर्म और तेजाब से नहलाने की धमकी दी थी।
लवी मिश्रा के खिलाफ बिना लाइसेंस के शराब परोसने की किदवईनगर थाने में रिपोर्ट पहले हुई थी। बुधवार देर शाम अखिलेश दुबे और लवी मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों को गुरुवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा जाएगा।