दस्तावेजों के आधार पर होगी जांच
विवेचक ने उप निबंधक प्रथम कार्यालय से दस्तावेज मांगे हैं, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। नवाबगंज थाना प्रभारी प्रमोद कुमार ने बताया कि धोखाधड़ी करके गोद लेने के आरोप झूठे हैं। आडियो और मोहल्ले वालों के बयानों से साफ है कि बच्ची को बेचने के लिए उसके माता-पिता ने पहले भी कई लोगों से संपर्क किया था।
चार दिनों में मुकदमे का निस्तारण
उपनिबंधक कार्यालय से गोदनामा की प्रक्रिया की जा सकती है या नहीं यह पता किया जा रहा है। यदि दो पक्ष आपसी सहमति से बच्चा गोद लें और दे रहे हैं तो जिलाधिकारी की अनुमति की आवश्यकता होती है या नहीं इसकी भी जानकारी की जा रही है। उन्होंने दस्तावेज मिलने के बाद चार दिनों में मुकदमे का निस्तारण होने की बात कही।