महाराजपुर थाने और उसकी सरसौल चौकी में तैनात पांच दरोगा और दो सिपाहियों को बुधवार देर रात लाइन हाजिर कर दिया गया। इनके खिलाफ कई वीडियो वायरल हुए, जिसमें दो युवकों ने मारपीट करने, वसूली और धमकाने के गंभीर आरोप लगाए थे। एसीपी कैंट आकांक्षा पांडेय ने बुधवार देर रात पीड़ित और आरोपी पुलिसकर्मियों के बयान लिए। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पुलिसकर्मियों ने ही एक दूसरे के खिलाफ शिकायत के लिए वीडियो वायरल कराए हैं, जिसके बाद सातों को लाइन हाजिर कर दिया गया। मारपीट, वसूली और धमकी देने की जांच चल रही है।
महाराजपुर थाने और सरसौल चौकी के दरोगा और सिपाहियों ने 13 सितंबर को जुए में 10 से 12 लोगों को गिरफ्तार किया था। इसमें कई आरोपी फरार हो गए थे। इसी तरह 20 सितंबर को गांजे की तस्करी में पांच लोगों को हिरासत में लिया गया था, जिसमें से तीन को जेल भेज दिया था। पुलिसकर्मियों ने जुए और गांजे की तस्करी के आरोपियों से चोरी छिपे वसूली चालू कर दी थी। कुछ लोगों को पुलिस चौकी में लाया गया। उनकी पिटाई हुई और रुपये देने का दबाव बनाया गया। इस मामले में दो पीड़ितों की ओर से वीडियो वायरल हुए। इन वीडियो का संज्ञान लेकर अधिकारियों ने एसीपी कैंट आकांक्षा पांडेय को मामले की जांच सौंपी गई। उन्होंने बुधवार को शिकायतकर्ता और आरोपी पुलिसकर्मियों के बयान लिए।
यह पुलिसकर्मी हुए लाइन हाजिर
दरोगा प्रदीप कुमार, आशीष कुमार, विष्णु कुमार, रवि शंकर, शैलेंद्र सिंह और सिपाही बंटी कुमार व सुल्तान सिंह शामिल हैं।
दरोगा कार के नंबर प्लेट में की थी हेराफेरी
दरोगा प्रदीप कुमार पर आरोप है कि वह जिस काले रंग की स्कॉपियो से चलता है, उसका नंबर यूपी 78 एएन 0265 है। हालांकि नंबर प्लेट में काले रंग के टेप की मदद से शून्य और छह को आठ अंक में तब्दील किया गया है। यह नंबर प्लेट 8285 नजर आता है। इसकी जांच भी चल रही है।
एसीपी कैंट ने मामले की जांच की, जिसमें पता चला कि वायरल वीडियो पुलिसकर्मियों ने ही कराए हैं। जांच प्रभावित न हो उसके लिए पांच दरोगा और दो सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया गया।
- सत्यजीत गुप्ता, डीसीपी पूर्वी
महाराजपुर थाने के तीन दरोगा ने मारा-पीटा और रुपये छीने
महाराजपुर थाने के तीन दरोगा पर मारने, पीटने और रुपये छीनने के आरोप लगे हैं। बुधवार को क्षेत्र के एक युवक का वीडियो वायरल हो रहा है। एसीपी कैंट आकांक्षा पांडेय ने मामले की जांच शुरू कर दी है। युवक को पुलिस ने गांजा रखने के आरोप में पकड़ा था। बाद में उसे निर्दाेष बताकर छोड़ दिया गया था।
महाराजपुर थाने के पुलिसकर्मियों पर मंगलवार को युवक ने जुए के आरोप में पकड़ने और रुपये लेकर छोड़ने का आरोप लगाया था। उसका वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो के 24 घंटे बाद ही महाराजपुर क्षेत्र के गुलाब खेड़ा निवासी बबलू यादव ने तीन दरोगा पर आरोप लगाया है। उसका वीडियो भी वायरल हो रहा है। वीडियो में बबलू कहते हुए सुनाई दे रहा है कि वह सक्षम उर्फ पोलू यादव से रुपये मांगने गया हुआ था। पुलिस ने तलाशी ली और उसके पास से सात हजार रुपये ले लिए। उससे दो लाख रुपये मांगे। उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप से उसे छोड़ा गया। बाद में उन्हें एक दरोगा ने थाने ले आए और हवालात में बंद कर दिया। उन्होंने बीस हजार रुपये लेकर ही जाने दिया। महाराजपुर क्षेत्र में गांजा एवं बड़े स्तर के जुए को पकड़ने के बाद से लगातार पुलिस पर आरोप लग रहे हैं उच्च अधिकारियों द्वारा मामले की गोपनीयता से भी जांच कराई जा रही हैं। डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि एसीपी कैंट मामले की जांच कर रही हैं। दोनों पक्षों को बयान के लिए बुलाया गया है।
एसीपी कैंट कार्यालय में दर्ज हुए बयान
सरसौल के कारोबारी शीलू यादव ने पुलिस चौकी में तैनात दो दरोगा प्रर प्रताड़ित करने और जेब से 26 हजार रुपये छीनने और 24 हजार रुपये की मांग करने का आरोप लगाया था। बुधवार को एसीपी कैंट कार्यालय में पीड़ित के बयान दर्ज हुए हैं। देर शाम पुलिसकर्मियों के भी बयान हुए।