आज के आदमी को प्रयास से नहीं, परिणाम से मतलब है। विडंबना यह है कि हमारे हाथ प्रयास है न कि परिणाम। यह बातें आचार्य प्रसन्न सागर महाराज ने बुधवार को आनंदपुरी स्थित जैन मंदिर में धर्म सभा को संबोधित करते हुए कही। निरालानगर से बुधवार को समाज के लोगों के साथ पदयात्रा करते हुए आनंदपुरी मंदिर पहुंचे। मंदिर में लोगों ने उनकी आगवानी की।
उन्होंने कहा कि अच्छे परिणाम के लिए प्रयास जरूर करें और फिर देखें परिणाम कैसे अच्छे नहीं आते। स्वयं से अच्छा कौन हमारा भविष्य जान सकता और बता सकता है, इसलिए स्वयं अपने भविष्य वक्ता बने। अपने मन और सोच का वास्तु सकारात्मक रखे। सभा को संबोधित करते हुए डॉ. प्रवर्तक श्रमण मुनि सहज सागर ने कहा कि धन और धर्म का जो संतुलन बनाकर चलता है, वह कभी दुखी या परेशान नहीं रहता। आर्यिका पुण्य प्रभा ने भी विचार रखे। नगर गौरव सौम्य मूर्ति मुनि पीयूष सागर महाराज ने गुरुदेव का पूजन किया। सीए अरविंद जैन ने बताया कि आचार्य सकल संघ के साथ 13 फरवरी को जनरलगंज मंदिर में धर्मसभा को संबोधित करेंगे। इस दौरान संजीव जैन नेता जी, अनिल जैन आदि मौजूद रहे।