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Kanpur: आचार्य प्रसन्न सागर ने जीवन खुशहाल बनाने के दिए ये 11 मंत्र

Wed, 12 Feb 2025 08:39 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

आचार्य प्रसन्न सागर महाराज ने जैन समाज के लोगों के साथ निरालानगर से पदयात्रा निकाली। आनंदपुरी स्थित मंदिर में लोगों ने भव्य आगवानी की।
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आचार्य प्रसन्न सागर महाराज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आज के आदमी को प्रयास से नहीं, परिणाम से मतलब है। विडंबना यह है कि हमारे हाथ प्रयास है न कि परिणाम। यह बातें आचार्य प्रसन्न सागर महाराज ने बुधवार को आनंदपुरी स्थित जैन मंदिर में धर्म सभा को संबोधित करते हुए कही। निरालानगर से बुधवार को समाज के लोगों के साथ पदयात्रा करते हुए आनंदपुरी मंदिर पहुंचे। मंदिर में लोगों ने उनकी आगवानी की।
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उन्होंने कहा कि अच्छे परिणाम के लिए प्रयास जरूर करें और फिर देखें परिणाम कैसे अच्छे नहीं आते। स्वयं से अच्छा कौन हमारा भविष्य जान सकता और बता सकता है, इसलिए स्वयं अपने भविष्य वक्ता बने। अपने मन और सोच का वास्तु सकारात्मक रखे। सभा को संबोधित करते हुए डॉ. प्रवर्तक श्रमण मुनि सहज सागर ने कहा कि धन और धर्म का जो संतुलन बनाकर चलता है, वह कभी दुखी या परेशान नहीं रहता। आर्यिका पुण्य प्रभा ने भी विचार रखे। नगर गौरव सौम्य मूर्ति मुनि पीयूष सागर महाराज ने गुरुदेव का पूजन किया। सीए अरविंद जैन ने बताया कि आचार्य सकल संघ के साथ 13 फरवरी को जनरलगंज मंदिर में धर्मसभा को संबोधित करेंगे। इस दौरान संजीव जैन नेता जी, अनिल जैन आदि मौजूद रहे।

 
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जैन मुनि आचार्य श्री 105 प्रसन्न सागर महाराज - फोटो : अमर उजाला
जीवन खुशहाल बनाने के दिए मंत्र
- सुबह उठते ही मोबाइल का नोटिफिकेशन देखना छोड़ दें।
- सुबह एक घंटा किसी महापुरुष की जीवन गाथा पढ़ें।
- हर दिन सोने से पहले आज की समीक्षा और कल की प्रतीक्षा करें।
- रात में सोने के एक घंटे पहले मोबाइल का नेट बंद कर दें।
- रिश्तेदारों से न अधिक उम्मीद और न ही ज्यादा भरोसा करें।
- चाय, नाश्ता व भोजन के समय मोबाइल को दूर रख दें।
- देवालय व शौचालय के समय मोबाइल साथ न रखें।
- रोज का लक्ष्य तय करें कि आज क्या करना है और क्या नहीं।
- जब मन अशांत हो तो 15 मिनट किसी महापुरुष की किताब पढ़ें।
- डाॅक्टर, वकील, ज्योतिष व वास्तु शास्त्रीय के पास जाने से परहेज करे।
- स्वयं अपने डाॅक्टर बने और अपना निर्णय खुद लें।
 
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