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कानपुर हिंसा: बाबूपुरवा में सीएए के विरोध में बवाल करने वाले आरोपियों को नहीं मिली जमानत

Sun, 02 Feb 2020 07:35 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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कानपुर में हिंसा की तस्वीरें - फोटो : अमर उजाला
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कानपुर में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में दिसंबर में बाबूपुरवा में हुई हिंसा और बलवा के दो और आरोपियों की जमानत अर्जी अपर जिला जज 12 विनय कुमार सिंह ने खारिज कर दी है। पहले भी दो आरोपियों की अर्जी खारिज हो चुकी है।
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बेगमपुरवा निवासी आदिल (21) की मां शाहीन और मुस्तकीम (20) की मां अफरोज ने शपथपत्र देकर कहा कि 19 दिसंबर को उसके रिश्तेदार की बेटी की शादी थी। शादी का सामान बगाही ईदगाह मैदान में आदिल व मुस्तकीम की देखरेख में रखा गया था।

अगले दिन जुमे की नमाज के बाद भगदड़ मच गई। भीड़ छटने के बाद पांडाल में घुसी पुलिस ने आदिल व मुस्तकीम को पकड़ लिया। न तो  उनके पास से कोई असलहा बरामद हुआ और कोई वीडियो क्लिप। पुलिस ने अपनी कारगुजारी छिपाने के लिए बेकसूरों को आरोपी बना दिया।
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वहीं एडीजीसी शिवभगवान गोस्वामी का तर्क था कि आदिल व मुस्तकीम नमाज के बाद भीड़ में शामिल हुए। पुलिस व स्थानीय लोगों पर पेट्रोल और एसिड बम व तेजाब की बोतलों से हमला किया, जिसमें कई पुलिस अधिकारी और कर्मचारी घायल हुए।

बलवाइयों ने पुलिस के कई वाहनों को भी जला दिया था। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने आदिल व मुस्तकीम की जमानत अर्जी खारिज कर दी। इसी मामले में शहजाद उर्फ सरफराज आलम व परवेज आलम की जमानत अर्जी भी 13 जनवरी को खारिज की जा चुकी है।

20 के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी
एसआईटी के विवेचक इंस्पेक्टर राजीव सिंह ने बताया कि बाबूपुरवा हिंसा शामिल 20 आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट कोर्ट से लिया गया है। वीडियो फुटेज व फोटो से सभी को चिह्नित किया गया था। तब से सभी आरोपी फरार हैं।  
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