फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: स्कॉर्पियो के उड़े परखच्चे, बोनट और सीट आपस में चिपके; 50 मिनट चला रेस्क्यू, फिर निकलीं लाशें, कानपुर हादसा

Tue, 14 Jul 2026 06:19 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur Scorpio Crash And Tragic Accident: महाराजपुर में हाईवे किनारे खड़े ट्रक में एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो के घुस जाने से तीन लोगों की जान चली गई और नौ अन्य घायल हो गए। हादसे के बाद पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। आरोप है कि सिपाहियों ने रुपये लेकर ट्रक चालक को भागने दिया, जिसका वीडियो वायरल हो रहा है।
विज्ञापन
Kanpur Road Accident - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर के महाराजपुर में सोमवार सुबह हुए भीषण सड़क हादसे के बाद पुलिस की बड़ी लापरवाही देखने को मिली। थाने के सिपाहियों ने घटनास्थल पर खड़े ट्रक में फंसी स्कॉर्पियो को अलग करने के लिए चालक को ही ट्रक आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी सौंप दी। इधर, चालक मौका मिलते ही ट्रक लेकर भाग खड़ा हुआ।
विज्ञापन

इस पर पीआरवी ने उसका पीछा कर करीब 13 किमी दूर तिवारीपुर के पास जाकर उसे पकड़ा। इसके बाद महाराजपुर थाना पुलिस के हवाले कर दिया।  वहीं, चालक के भागते ही राहगीरों ने सिपाहियों पर 50 हजार रुपये लेकर उसे छोड़ने का आरोप लगा हंगामा किया। हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल रहा।

">http://



वायरल वीडियो एडिटेड प्रतीत हो रहा

हालांकि, संवाद न्यूज एजेंसी वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करती है। एसीपी चकेरी आशुतोष सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो एडिटेड प्रतीत हो रहा है। वहीं, चालक के 13 किमी तक ट्रक लेकर भागने और सिपाहियों के रुपये लेकर चालक को छोड़ने की बात से भी इन्कार किया है।

Kanpur Road Accident - फोटो : amar ujala
अधिकारी बोले- हादसे से 12 मिनट पहले नहीं खड़ा था ट्रक
सड़क हादसे के बाद हाईवे किनारे खड़े ट्रक को लेकर उठ रहे सवालों के बीच एनएचएआई ने सफाई दी है। एनएचएआई अधिकारियों का दावा है कि हादसे से महज 12 मिनट पहले उनकी पेट्रोलिंग टीम रूमा ओवरब्रिज से गुजरी थी। उस समय हाईवे किनारे कोई भी वाहन खड़ा नहीं था। अधिकारियों के मुताबिक टीम ने सुबह करीब पांच बजे एक खड़ी कार को सुरक्षित हटवाया था।

निरीक्षण में सड़क पूरी तरह खाली मिली
सुबह 5:18 बजे दोबारा निरीक्षण के दौरान भी सड़क पूरी तरह खाली मिली। हादसा इसके करीब 12 मिनट बाद सुबह लगभग 5:30 बजे हुआ। कहा कि हाईवे किनारे अवैध रूप से खड़े वाहनों को हटाने के लिए उनकी पेट्रोलिंग टीम पूरी रात सक्रिय रहती है। वहीं, मामले में नया मोड़ तब आया जब ट्रक चालक ने दावा किया कि वह सुबह चार बजे से ही वाहन सड़क किनारे खड़ा कर सो रहा था।

Kanpur Road Accident - फोटो : amar ujala
कार का बोनट और सीट आपस में चिपके, 50 मिनट चला रेस्क्यू
महाराजपुर में रूमा हाईवे किनारे खड़े ट्रक में घुसी स्कॉर्पियो में फंसे 12 लोगों को करीब 50 मिनट तक चले रेस्क्यू के बाद बाहर निकाला जा सका। 100 से ऊपर की रफ्तार में खड़े ट्रक के पीछे घुसी स्कॉर्पियो की छत तक उड़ गई। वहीं, कार का बोनट और सीट आपस में चिपक गईं। वाहन में बैठे 12 में से भाई-बहन और चालक की जान चली गई।

एक-एक करके सभी को बाहर निकाला
पुलिस और स्थानीय लोगों ने रस्से और गैस कटर की मदद से कार के पार्ट्स काटकर एक-एक करके सभी को बाहर निकाला। झारखंड के गांव बड़े बिगहा निवासी चट्टा कर्मचारी वकील यादव ने बताया कि उनके भाई बिरजू ने हरियाणा के सिरसा में घर बनवाया है। बेटी अनीशा कुमारी, रिया के स्कूलों की छुट्टी होने के कारण और साली सविता को एक महीने पहले छोड़ आए थे। रविवार रात करीब 11:30 बजे वह सिरसा से उन लोगों को लेकर स्कॉर्पियो से निकले थे।

Kanpur Road Accident - फोटो : amar ujala
दो हजार रुपये प्रति व्यक्ति में बैठा रखी थीं सवारियां
बीच में और कई लोग मिल गए जिन्हें प्रति दो हजार रुपये के हिसाब से बैठा लिया गया। कार बजरंग चला रहा था। वह लोग एक स्थान पर देर रात रुके थे। इसके बाद से लगातार चल रहे थे। उन्हें अंदेशा है कि चालक को झपकी आ जाने के कारण हादसा हुआ। हादसे में हैलट में भर्ती नरेश मांझी की बेटी स्नेहा ने बताया कि वह लोग हादसे के वक्त सो रहे थे।

हैलट के आईसीयू में चल रहा है इलाज
हादसे के बाद अंधेरा छा गया और वह बेहोश हो गई। हादसे में सबसे ज्यादा गंभीर रूप से घायल नरेश मांझी की पत्नी सावित्री देवी और वकील यादव की साली सविता हुईं। उनका इलाज हैलट के आईसीयू में चल रहा है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला के निर्देश पर सभी की मॉनीटरिंग के लिए डॉक्टरों की टीम तैनात की गई है। सभी की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

Kanpur Road Accident - फोटो : amar ujala
सरकारी वाहन को बनाया जीवन रक्षक
हादसे के बाद जहां चारों ओर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मची थी तो वहीं महाराजपुर थाना पुलिस ने मानवता दिखाते हुए बिना समय गंवाए गंभीर घायलों की जान बचाने का प्रयास किया। थाना प्रभारी ने एंबुलेंस का इंतजार करने की बजाय अपने सरकारी वाहन को ही जीवन रक्षक बना दिया। गंभीर रूप से घायलों को तत्काल कांशीराम अस्पताल भिजवाया। मौके पर कई घायल स्कॉर्पियो में फंसे थे और उनकी हालत लगातार बिगड़ रही थी।

ऐसा था पूरा हादसा
महाराजपुर में कानपुर-प्रयागराज नेशनल हाईवे पर रूमा के पास सोमवार सुबह सवारियों से भरी बेकाबू स्कॉर्पियो सड़क पर खड़े ट्रक में पीछे से जा घुसी। हादसे में स्कॉर्पियो सवार बिहार, गया के गांव धमना पोस्ट खपिया निवासी नरेश मांझी के बेटे दिलखुश (8), बेटी नेहा (15) और चालक हरियाणा के सिरसा डिग बड्डी निवासी बजरंग कुमार (45) समेत तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

Kanpur Road Accident - फोटो : amar ujala
कुछ पर्चे और धार्मिक किताब मिली
बच्चे, महिला और पुरुष मिलाकर घायल अन्य नौ लोगों को गंभीर हालत में कांशीराम अस्पताल भेजा गया जहां से उन्हें हैलट रेफर किया गया। हादसे के बाद हाईवे पर जाम लग गया। पुलिस और एनएचएआई की टीम ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहन को हटवाकर यातायात सुचारु कराया। पुलिस को क्षतिग्रस्त कार के अंदर से ईसाई धर्म की प्रार्थना सभा के कुछ पर्चे और धार्मिक किताब मिली है, जिसकी जांच की जा रही है।
विज्ञापन

सीएम ने सड़क हादसे का लिया संज्ञान
सीएम योगी आदित्यनाथ ने महाराजपुर के रूमा के पास हुए भीषण सड़क हादसे का संज्ञान लेते हुए मृतकों के परिजन के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए आलाधिकारियों को बेहतर इलाज सुनिश्चित करने और मृतकों के परिजन को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें