ये था पूरा मामला
श्यामनगर में डेढ़ माह पहले बाइक सवार युवकों ने मारपीट के बाद लूट की सूचना पुलिस को दी थी। पुलिस के पहुंचने पर युवक शिकायत से मुकर गए थे। सीसीटीवी कैमरे की जांच में लूट की बात सही निकली। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया। शिकायतकर्ताओं से पूछताछ की गई, तो उन्होंने रुपये महफूज आलम के होने की जानकारी दी।
68 खाते खंगाले, तो 1600 करोड़ का लेनदेन मिला
पुलिस ने जब महफूज व उसके रिश्तेदारों के 68 खाते खंगाले, तो 1600 करोड़ का लेनदेन मिला। इसके बाद से महफूज फरार चल रहा है। इसी बीच जाजमऊ पुलिस को शहनवाज ने तहरीर देकर बताया कि वह किराये का मकान तलाश रहे थे। उसी दौरान उनकी मुलाकात राम राय की सराय सरैया बाजार में महफूज आलम से हुई। उसने उन्हें किराये का मकान दिलाया। उसमें वह महिला मित्र के साथ रहने लगे।
शहनवाज का आधार और पैन कार्ड बना दिया
इसी दौरान महफूज ने बीमा कराने का झांसा देकर उनका वोटर आईडी कार्ड ले लिया। आरोप है कि महफूज ने कूटरचित दस्तावेजों के सहारे राजा मिश्रा के नाम से शहनवाज का आधार और पैन कार्ड बना दिया। राजा इंटरप्राइजेज फर्म और जीएसटी नंबर लेकर आईडीबीआई बैंक में खाता खुलवाया। दस्तावेजों और खाते में फोटो उनकी लगी थी। इसमें रुपयों को लेनदेन के लिए उसके हस्ताक्षर जरूरी थे।
राजा मिश्रा के नाम से साइन कराकर ट्रांजेक्शन कराया
आरोपी ने उन पर हस्ताक्षर का दबाव बनाया। मना करने पर खुद ही राजा मिश्रा के नाम से साइन कराकर ट्रांजेक्शन कराया। विरोध पर महफूज आलम, उसका बेटा, साला व उसका बेटा धमकी दे रहे हैं और साइन करने के लिए दवाब बना रहे हैं। खाते से कई करोड़ का ट्रांजेक्शन होने की बात सामने आ रही है।