विभाग के साथ वादी का होगा फायदा
- सभागार में कई जिलों के लोगों के साथ बैठक हो सकेगी।
- एक ही बिल्डिंग होने से बिजली की बचत होगी, सोलर पैनल लगाए जाएंगे
- रिकार्ड रूम, वादियों के बैठने की बेहतर सुविधा मिलेगी।
- अधिकारी के न मिलने पर दूसरे से शिकायत की जा सकेगी।
- ऑनलाइन मीटिंग और पुलिस ब्रीफिंग की सुविधा रहेगी।
- डिजिटल रिकार्ड रूम बनाने की तैयारी है।
ट्रैफिक लाइन में बनेंगे अधिकारियों के आवास
ट्रैफिक पुलिस लाइन में आईपीएस और पीपीएस अधिकारियों के लिए आवास बनाए जाएंगे। इनकी संख्या 40 रहेगी, जिसमें टाइप-4 के 32 और टाइप-5 के आठ बंगले शामिल हैं। आवास के लिए शासन से 30 करोड़ रुपये स्वीकृत हो गए हैं।
एसीपी कार्यालय की जगह थानों का होगा विस्तार
बिल्डिंग बनने से थाने की जमीन पर बने एडीसीपी, एसीपी कार्यालय को हटाकर थानों का विस्तार किया जा सकेगा। यहां साइबर सेल, रिकार्ड रूम, ऑपरेशन दिव्य दृष्टि, महिला संबंधी अपराध के लिए अलग-अलग कमरे बनाए जा सकेंगे।
डीसीपी दक्षिण और पश्चिम अपने कार्यालय में बैठेंगे
डीसीपी दक्षिण और डीसीपी पश्चिम के क्षेत्र में घाटमपुर, सजेती, महाराजपुर, ककवन, बिल्हौर, आरौल, बिधनू, पतारा, शिवराजपुर आदि आते हैं। इन कार्यालयों को शिफ्ट करने से वादियों को कठिनाई होगी। यह अधिकारी कभी कभी कंपोजिट बिल्डिंग में बैठ सकेंगे।
रेव थ्री मॉल के पास कमिश्नरी की नौ मंजिला कंपोजिट बिल्डिंग बनाई जाएगी। मुख्यालय की ओर से शासन को प्रस्ताव भेजा गया है, जिसके लिए 90 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ है। स्वीकृति मिलते ही अगस्त से कार्य शुरू होने की उम्मीद है। -वीके सिंह, ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर, हेडक्वार्टर