होमवर्क न करने की डांट पर 14 वर्षीय किशोर ने एनआरआई सिटी की नौवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। उसे पढ़ाने के लिए ट्यूशन टीचर घर आई थीं। उन्होंने होमवर्क पूरा नहीं करने पर नाराजगी जताई थी, जिसके बाद किशोर की दादी ने उसके दिनभर लैपटॉप चलाने की जानकारी दे दी।
इससे नाराज होकर छात्र अचानक बालकनी से कूद गया। वहीं छात्र की मां ने पति और परिवार के अन्य सदस्यों पर बेटे को धक्का देकर नीचे फेंकने का आरोप लगाया। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटना से जुड़े कारण व साक्ष्य तलाशे।
संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था आशुतोष कुमार ने बताया कि एनआरआई सिटी के टावर नंबर तीन के नौवीं मंजिल पर अधिवक्ता राज किशोर त्रिवेदी, पत्नी सुमनलता, बेटे सुधांशु और पौत्र प्रखर के साथ रहते थे। मंगलवार देर शाम करीब छह बजे प्रखर को पढ़ाने के लिए ट्यूशन टीचर घर आई थीं। उन्होंने होमवर्क देखा तो वह पूरा नहीं मिला। उन्होंने नाराजगी जताई। उनकी बात पर सुमनलता ने कहा कि यह पूरे दिन लैपटॉप चला रहा था, उसका होमवर्क कैसे पूरा होगा।
इस बात से छात्र नाराज हो गया। वह बालकनी की ओर गया और देखते ही देखते वहां से छलांग लगा दी। एकाएक हुई घटना से घर में चीख पुकार मच गई। पौत्र के नवीं मंजिल से नीचे कूद जाने से बदहवास दादा, टयूशन टीचर, दादी व अन्य लोग आननफानन नीचे पहुंचे। इसके बाद सभी लहूलुहान किशोर को लेकर सिंहपुर स्थित अस्पताल गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम भेज दिया। वहीं हादसे की सूचना पर किशोर प्रखर की मां बोस्की मायके पक्ष के लोगों के साथ पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचीं। उन्होंने बेटे की मौत को हत्या बताया। नवाबगंज पुलिस मामले की जांच कर रही है।