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UP: 14 साल 7 माह पुराने मुकदमे की होगी पुनर्विवेचना, पाैने पांच घंटे में लगा दी थी क्लोजर रिपोर्ट, पढ़ें मामला

Fri, 19 Sep 2025 03:57 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: होटल मालकिन साकेतनगर निवासी महिला ने आरोप लगाया था कि अखिलेश दुबे के दबाव में पुलिस ने पहले, तो मुकदमा दर्ज नहीं किया और जब कोर्ट के आदेश से मामला दर्ज हुआ, तो कुछ ही घंटों में क्लोजर रिपोर्ट लगाकर उसे बंद कर दिया गया।
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कानपुर कमिश्नरी - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में 14 साल सात माह पहले खत्म किए गए मुकदमे की विवेचना एसीपी नौबस्ता चित्रांशु गौतम करेंगे। विवेचक ने पौने पांच घंटे की जांच के बाद क्लोजर रिपोर्ट लगा दी थी। इस मामले की बुधवार को पुनर्विवेचना के आदेश कोर्ट ने दिए थे। इसी क्रम पुलिस आयुक्त अखिल कुमार ने आदेश जारी कर दिए हैं। उस समय क्लोजर रिपोर्ट लगाने वाले तत्कालीन विवेचक राजेश कुमार तिवारी (सेवानिवृत्त) की भूमिका की जांच एसीपी बाबूपुरवा दिलीप सिंह करेंगे।

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होटल मालकिन साकेतनगर निवासी महिला ने आरोप लगाया था कि अखिलेश दुबे के दबाव में पुलिस ने पहले, तो मुकदमा दर्ज नहीं किया और जब कोर्ट के आदेश से मामला दर्ज हुआ, तो कुछ ही घंटों में क्लोजर रिपोर्ट लगाकर उसे बंद कर दिया गया। वर्ष 2010 में छह दिसंबर को अजय निगम अपने चार साथियों के साथ होटल पहुंचा और विवाद किया। विरोध करने पर गाली-गलौज, मारपीट की। महिला ने उसी समय जूही थाने में तहरीर दी लेकिन पुलिस ने कार्रवाई न करते हुए उन्हें डांटकर भगा दिया।

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पौने पांच घंटे बाद लगा दी क्लोजर रिपोर्ट
इसके बाद उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर 31 जनवरी 2011 को शाम 5:45 बजे मुकदमा दर्ज हुआ। हैरानी की बात यह रही कि महज पौने पांच घंटे बाद रात 10:30 बजे विवेचक राजेश तिवारी ने क्लोजर रिपोर्ट लगाकर केस को एक्सपंज कर दिया। स्टाफ अफसर राजेश पांडेय ने बताया कि पुनर्विवेचना एसीपी नौबस्ता और तत्कालीन विवेचक की भूमिका पर एसीपी बाबूपुरवा करेंगे। इसके बाद कोर्ट को पूरी मामले की जांच से अवगत कराया जाएगा।
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