कानपुर में 14 साल सात माह पहले खत्म किए गए मुकदमे की विवेचना एसीपी नौबस्ता चित्रांशु गौतम करेंगे। विवेचक ने पौने पांच घंटे की जांच के बाद क्लोजर रिपोर्ट लगा दी थी। इस मामले की बुधवार को पुनर्विवेचना के आदेश कोर्ट ने दिए थे। इसी क्रम पुलिस आयुक्त अखिल कुमार ने आदेश जारी कर दिए हैं। उस समय क्लोजर रिपोर्ट लगाने वाले तत्कालीन विवेचक राजेश कुमार तिवारी (सेवानिवृत्त) की भूमिका की जांच एसीपी बाबूपुरवा दिलीप सिंह करेंगे।
होटल मालकिन साकेतनगर निवासी महिला ने आरोप लगाया था कि अखिलेश दुबे के दबाव में पुलिस ने पहले, तो मुकदमा दर्ज नहीं किया और जब कोर्ट के आदेश से मामला दर्ज हुआ, तो कुछ ही घंटों में क्लोजर रिपोर्ट लगाकर उसे बंद कर दिया गया। वर्ष 2010 में छह दिसंबर को अजय निगम अपने चार साथियों के साथ होटल पहुंचा और विवाद किया। विरोध करने पर गाली-गलौज, मारपीट की। महिला ने उसी समय जूही थाने में तहरीर दी लेकिन पुलिस ने कार्रवाई न करते हुए उन्हें डांटकर भगा दिया।