शेड्यूल एफए से जुड़े कॉलम में जानकारी नहीं दी
विभाग के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, नोटिस पाने वाले कुछ करदाताओं ने आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल किया है। अपनी देश में अर्जित आय पर टैक्स भी चुकाया है। इसके बावजूद जांच में सामने आया कि कई करदाताओं ने आईटीआर के विदेशी परिसंपत्तियों एवं आय (शेड्यूल एफए) से जुड़े कॉलम में आवश्यक जानकारी नहीं दी। सूत्रों के मुताबिक, कुछ करदाताओं को विदेश से आय प्राप्त हो रही है।
10 लाख रुपये का नोटिस भी भेजा गया
कुछ को विदेशी कंपनियों में कार्य करने के बदले शेयर (ईशॉप/स्टॉक) मिले हैं। आयकर नियमों के तहत ऐसी विदेशी आय, बैंक खाते, निवेश, शेयर और अन्य विदेशी परिसंपत्तियों का पूरा विवरण आईटीआर के में देना अनिवार्य है। जिन लोगों को नोटिस भेजा गया है इसमें सबसे ज्यादा नोएडा के हैं। इसके बाद गाजियाबाद, फिर कानपुर और इसके बाद आगरा के करदाता हैं। इनमें प्रोफेशनल, कारोबारी, सरकारी अफसर हैं। जिन्हें नोटिस भेजा गया है। तमाम लोगों को 10 लाख रुपये का नोटिस भी भेजा गया है।
विदेश के बैंकों से लेनदेन पर सख्त हैं नियम
सूत्रों के मुताबिक, यूनिट के अफसर ब्लैक मनी एक्ट 2015 के तहत निगरानी करते हैं। 16 साल तक के पुराने मामलों की फाइल अफसर खोल सकते हैं। शिकायत के आधार पर, छापे के दौरान मिले इनपुट, मुखबिर की सूचना पर, देसी, विदेशी जांच एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर अफसर आगे की कार्रवाई कर सकेंगे। जो जानकारी विदेश के बैंकों के जरिए दी गई है। ऐसे मामलों में विदेश में रकम भेजने का श्रोत, उद्देश्य को सबूत के साथ विभाग को देने के निर्देश दिए गए हैं। दरअसल विदेश में निवेश करने वाले भारतीय को आईटीआर में विदेशी संपत्ति का खुलासा अनिवार्य है।