पुराने रोगियों की हालत बिगड़ जा रही
मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. जेएस कुशवाहा ने बताया कि ओपीडी में 212 रोगी आए। नर्सिंगहोम से अति गंभीर अवस्था में रेफर होकर आए एक सीओपीडी रोगी की मौत हो गई। अस्पताल आने वाले रोगियों में सबसे अधिक संख्या ब्रेन हेमरेज वालों की है। इसके अलावा गुर्दा और लिवर फेल होने के रोगी भी अस्पताल आ रहे हैं। ब्लड प्रेशर बढ़ने से गुर्दे के पुराने रोगियों की हालत बिगड़ जा रही है।
सर्दी में लावारिस शवों की संख्या पहुंची 55
सर्दी में कमिश्नरी के अलग-अलग थानाक्षेत्रों में लावारिस शवों की संख्या तेजी से बढ़ गई है। 29 दिसंबर तक 55 से ज्यादा लावारिस शव पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे। इनमें से करीब 35 का अंतिम संस्कार किया जा चुका है। वहीं, वर्ष 2024 में दिसंबर माह में लावारिस शवों की संख्या 42 थी। सामाजिक संगठनों का आरोप है कि ठंड के मौसम में रैन बसेरों, अलाव और कंबल वितरण की व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है।
समयानुसार किया जा रहा है उनका पोस्टमॉर्टम
कई लोग मजबूरी में खुले आसमान के नीचे रात गुजारते हैं। अब तक शहर के कोहना, रेलवे स्टेशन, हरबंश मोहाल, चमनगंज, कलक्टरगंज, चकेरी, रावतपुर, नवाबगंज, काकादेव, कोतवाली क्षेत्र में लावारिस शव मिले हैं। पोस्टमॉर्टम प्रभारी डॉ. नवनीत चौधरी का कहना है कि सर्दी में लावारिस शवों की संख्या बढ़ रही है। समयानुसार उनका पोस्टमॉर्टम किया जा रहा है।