2019 को रजिस्टर्ड इकरारनामा कराया
आरोप है कि पांच लाख रुपये प्रॉपर्टी डेवलपमेंट के नाम पर लिए गए जबकि 15 लाख रुपये भूमि मालिक के नाम पर चेकों के माध्यम से दिलवाए गए। रकम मिलने के बाद भूमि मालिक प्रेम नारायण सिंह के साथ नवंबर 2019 को रजिस्टर्ड इकरारनामा कराया गया। बाद में जानकारी मिली कि संबंधित भूमि को अगस्त 2021 को जनशक्ति डेवलपर नाम की फर्म को बेच दिया गया।
पांच के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
आरोप है कि उनका इकरारनामा निरस्त नहीं कराया गया। पीड़ित के अनुसार राघव लिंकर्स और कानपुर होम बिल्डर्स प्रा.लि.की ओर से कुल 7.75 लाख रुपये लौटाए गए, जबकि शेष रकम और मुनाफा नहीं दिया गया। अगस्त 2024 को वह रुपये मांगने कानपुर होम बिल्डर्स के कार्यालय पहुंचे जहां अखिलेश उत्तम और उसके पुत्र साहिल ने गालीगलौज कर जान से मारने की धमकी दी। कोतवाली इंस्पेक्टर अरुण कुमार द्विवेदी के अनुसार उच्चाधिकारियों के आदेश पर पांच के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।