जाड़े में ब्लड प्रेशर बढ़ने और एलर्जी के कारण सांस तंत्र के रोगियों की हालत बिगड़ रही है। मंगलवार को एलपीएस कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट में हार्ट अटैक के 21 रोगी भर्ती हुए हैं। इसके साथ ही इंस्टीट्यूट की ओपीडी में 781 रोगियों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया। हैलट इमरजेंसी में ब्रेन अटैक के आठ रोगी गंभीर हालत में भर्ती हुए हैं। इसके अलावा अस्थमा और सीओपीडी के आठ रोगियों को नाजुक हालत में भर्ती किया गया है। कार्डियोलॉजी में आए ज्यादातर रोगियों का ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ था।
कार्डियोलॉजी की इमरजेंसी में 45 रोगी हार्ट अटैक के लक्षण लेकर आए। इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रोफेसर राकेश कुमार वर्मा ने बताया कि जाड़े में ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ने से रोगियों में हार्ट अटैक के लक्षण आ जाते हैं। लोग ब्लड प्रेशर चेक नहीं कराते। इसके अलावा गर्मी की दवा की खुराक जाड़े में खाते रहते हैं। इससे बीपी नियंत्रित नहीं होता। 30 साल से अधिक आयु का हर व्यक्ति एक बार बीपी की जांच करा लें। वहीं जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के सीनियर फिजीशियन डॉ. बीपी प्रियदर्शी ने बताया कि हैलट इमरजेंसी में ब्रेन स्ट्रोक के रोगी अधिक आ रहे हैं। इसके अलावा सांस तंत्र के रोगियों की हालत बिगड़ रही है।