दिल्ली से कुवैत की फ्लाइट टिकट भी भेजी
युवकों के अनुसार, उन लोगों को एग्रीमेंट लेटर दिया गया। साथ ही 12 जुलाई को दिल्ली से कुवैत की फ्लाइट के टिकट भी मोबाइलों पर भेजे गए। जाने से पहले उन लोगों ने शुभम राणा और विवेक तिवारी को फोन किया, तो मोबाइल बंद बताने लगा। फिर दस्तावेज लेने वाली युवती को फोन किया, तो उसका मोबाइल भी बंद था। वह लोग स्वरूपनगर स्थित ऑफिस पहुंचे, तो ताला लटकता मिला। स्वरूपनगर इंस्पेक्टर सूर्यबली पांडेय ने बताया कि टीम को ऑफिस भेजा गया था।
ऑफिस में नहीं मिला था कोई
वहां कोई नहीं मिला है, जांच कर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। ठगी के शिकार लोगों में बिहार के सिवान निवासी मधुसूदन मिश्रा, गोरखपुर के कुशीनगर निवासी प्रदीप चौहान व अरविंद कुमार यादव, बिहार के चंपारण निवासी चिंटू कुमार, धनंजय महतो, बिहार के गोपालगंज निवासी सोनू कुमार यादव, कुनाल पांडेय, रांची के लिंक रोड निवासी आयुष कुमार, बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी सुनील कुमार, कृष्ण कुमार, बिहार के हाजीपुर निवासी सतीश कुमार, बलिया निवासी विनोद भारद्वाज आदि शामिल हैं।
थाने पहुंची युवती बोली, दो महीने की सैलरी लेकर भाग गए दोनों
इंस्पेक्टर ने बताया कि शुक्रवार को एक युवती आई थी। उसने बताया कि कल्पना इंटरनेशनल में काम करती थी। शुभम राणा और विवेक तिवारी ने उसकी दो महीने की सैलरी नहीं दी और ठगी करके भाग गए। ऑफिस का लग्जरी फर्नीचर और कल्पना इंटरनेशनल का बोर्ड भी रातों रात गायब हो गया।
उधार लेकर और जेवर गिरवी रखकर इकट्ठा की थी रकम
ठगी के शिकार युवकों ने पुलिस को बताया कि अच्छी सैलरी के लालच में आकर दोस्तों और परिजनों से उधार रुपये लिए। कुछ ने घर के जेवर तक गिरवी रख दिए। पूरी रकम लेकर वे भाग गए।