सीमा 125 दिन करने का प्रस्ताव
इसके परिणामस्वरूप 10 ब्लॉकों में शुरू हुए 1,05,674 कार्यों में से केवल 93,328 ही पूरे हो पाए हैं, जो 88.32 फीसदी है। केंद्र सरकार की ओर से 31 मार्च तक सभी लंबित कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। नई व्यवस्था में सालाना रोजगार की सीमा 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन करने का प्रस्ताव है।
विवादों में फंसा चकरोड निर्माण
बिल्हौर ब्लॉक में वर्ष 2022-23 में शुरू हुआ चकरोड निर्माण विवादों में फंसकर शुरुआती चरण में ही रुक गया। मनरेगा नियमों के अनुसार 30 प्रतिशत से कम प्रगति वाले कार्यों में मजदूरी भुगतान संभव नहीं है जिससे काम बंद हो गया और मजदूरों का भुगतान अटक गया।
आंकड़ों में अधूरे कामों की हकीकत
वित्तीय वर्ष शुरू कार्य अधूरे कार्य
2022-23 91,442 6,989
2023-24 7,926 2,069
2024-25 3,617 1,403
2025-26 2,689 1,885
जिले में करीब 1500 मजदूर कर रहे काम
जिले की 590 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के कार्य कराए जाते हैं। वर्तमान समय में करीब 38 हजार से अधिक मजदूर पंजीकृत हो सके हैं। हालांकि अभी बायोमिट्रिक का कार्य हो रहा है। इसमें करीब 1500 मजदूर ही सकि्रय हैं। 252 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी है। मौजूदा वित्तीय वर्ष में 5 लाख मानव दिवस सृजित हो सके हैं।
जो भी अधूरे कार्य है उन्हें पूरे कराने के सभी बीडीओ को निर्देश दिए हैं। प्रयास है कि मार्च तक सभी अधूरे कार्य पूरे करा लिए जाएं। जो 30 फीसदी से कम काम है उसका भुगतान नहीं होगा। -चंद्रभान कनौजिया, उपायुक्त मनरेगा