कानपुर में साढ़-बकेवर मार्ग पर रामगंगा नहर में डिफेंस कॉरिडोर के पास बना बरईगढ़ पुल शनिवार की आधी रात पानी के तेज बहाव में बह गया। सौ वर्ष पुराना यह ब्रिटिश कालीन पुल लंबे समय से भीतरगांव ब्लॉक के सीमावर्ती गांवों के जोङने के साथ बकेवर, मुसाफा व कुड़नी क्षेत्र के लिए मुख्य लाइफलाइन बना हुआ था। गनीमत रही कि हादसा आधी रात के वक्त हुआ। उस समय पुल पर कोई वाहन निकल नहीं रहा था, अन्यथा बड़ी घटना हो सकती थी।
इस हादसे की मुख्य वजह ठीक बगल में चल रहा नए टू-लेन पुल का निर्माण कार्य है। नए पुल की छत की ढलाई का काम पूरा हो चुका है, जिसके सपोर्ट के लिए नीचे लोहे की बेहद घनी पाइप शटरिंग लगाई गई है। इस शटरिंग की वजह से नहर के पानी का प्राकृतिक प्रवाह रुक गया और सारा दबाव सिमटकर एक ही जगह से होकर निकलने लगा। पानी के इसी अत्यधिक और संकुचित दबाव को पुराना पुल झेल नहीं पाया और ढह गया।