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Kanpur: गंगा में मिला 10 फीट लंबी मछली का शव, वन विभाग बोला- डाल्फिन है, प्रदूषण नियंत्रण विभाग का इन्कार

Sat, 03 Jan 2026 11:18 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: जाजमऊ में गंगा किनारे साढ़े तीन क्विंटल वजनी मृत डॉल्फिन मिलने से हड़कंप मच गया है। वन विभाग इसे प्रदूषण से हुई मौत मान रहा है, जबकि प्रदूषण नियंत्रण विभाग जीव की पहचान को लेकर संशय में है।
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जाजमऊ स्थित गंगा पुल के नीचे मृत मिली डाल्फिन मछली - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में जाजमऊ स्थित गंगा पुल के नीचे शुक्रवार देर शाम 10 फीट लंबी मछली मृत अवस्था में पड़ी मिली। जाजमऊ पुलिस ने उसे नाविकों की मदद से बाहर निकलवाया। जानकारी पर पहुंची वन विभाग टीम ने उसे कब्जे में ले लिया। वन विभाग के अफसर इसे डाल्फिन बता रहे हैं, जबकि प्रदूषण नियंत्रण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी ने इसे डाल्फिन मानने से इन्कार किया है। अनुमान लगाया जा रहा है कि गंगा में प्रदूषण के कारण इसकी मौत हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।

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तीन जनवरी से प्रयागराज में शुरू हो रहे माघ स्नान को देखते हुए गंगा में किसी भी तरह का प्रदूषण न जा पाए, इसे लेकर मुख्यमंत्री से लेकर जिला प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है। ऐसे में अचानक से जाजमऊ के पास गंगा में मृत डाल्फिन का मिलना चाैंकाने वाली बात है। हालांकि प्रदूषण नियंत्रण विभाग की क्षेत्रीय इकाई के क्षेत्रीय अधिकारी की ओर से इसे डाल्फिन मानने से इन्कार कर दिया है। इसका वजन साढ़े तीन क्विंटल बताया जा रहा है। आसपास के लोगों ने बताया कि इसकी माैत की वजह प्रदूषण भी हो सकती है, क्योंकि जाजमऊ में जिस स्थान पर यह गंगा में मृत मिली है।

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शव करीब दो से तीन दिन पुराना लग रहा

वहां पर अक्सर गंगा जल में प्रदूषण की मात्रा आम दिनों में अधिक रहती है। यह बात अलग है कि माघ मेले की वजह से 31 दिसंबर से ही टेनरियों को बंद करा दिया गया है। प्रदूषण की वजह से पानी के अंदर ऑक्सीजन की कमी होने के कारण जलीय जंतुओं को दिक्कत होती है। बिहार व उत्तर प्रदेश में गंगा में पाई जाने वाली डाल्फिन को सोंस के नाम से भी पुकारा जाता है। थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि मछली वन विभाग के रेंजर राकेश पांडेय के सुपुर्द कर दी गई है। उन्होंने बताया कि शव करीब दो से तीन दिन पुराना लग रहा है।
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यह डाल्फिन नहीं किसी और प्रजाति की मछली समझ में आ रही है। इस समय गंगा में प्रदूषण की मात्रा न के बराबर है। ऐसे में प्रदूषण की वजह से किसी जलीय जंतु के मरने की बात कहना सही नहीं है। हो सकता है कि किसी और दिक्कत की वजह से इसकी माैत हुई हो।  -अजीत सुमन, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण विभाग
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