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Kanpur: टेलीग्राम पर टास्क पूरा करने का झांसा देकर 10.20 लाख ठगे, पीड़ित ने दर्ज कराई रिपोर्ट

Thu, 26 Dec 2024 11:52 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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साइबर ठगों ने टेलीग्राम पर टास्क पूरा कर दोगुना मुनाफा दिलाने का झांसा देकर प्राइवेटकर्मी से 10.20 लाख रुपये ठग लिए। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने साइबर ठगों के खिलाफ साइबर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। कल्याणपुर के बारासिरोही निवासी प्राइवेटकर्मी प्रमोद कुमार ने बताया कि 8 जून को उनके पास टेलीग्राम पर रश्मिका देवी नाम के अकाउंट से एक वेबसाइट का लिंक आया। कहा कि उन्हें कुछ टास्क मिलेगा, जिसे पूरा करने पर वेबसाइट से ट्रेडिंग कराई जाएगी और बड़ा लाभ मिलेगा। झांसे में आए प्रमोद को रश्मिका देवी ने हर टास्क पर तीन दिन के भीतर एसएस डेंटल एजेंसी, दास फुटवियर, मेहंदी इंटरप्राइजेज नाम के बैंक खातों में 10.20 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। रुपये ट्रांसफर करने के बाद भी जब लाभ नहीं मिला तो ठगी की जानकारी हुई। इसके बाद उन्होंने शिकायत दर्ज कराकर खाता सीज कराया और ऑनलाइन 1930 पर फोन पर घटना की जानकारी दी। साइबर थाना प्रभारी सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि जिन खातों में रुपये भेजे गए हैं, उन्हें फ्रीज कराने के लिए संबंधित बैंक से पत्राचार किया जा रहा है।
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ऐसे बचें
- ऑनलाइन टास्क पूरा करने पर पैसा कमाने का भरोसा दिलाने वाले संदेशों और चैनलों से सतर्क रहें। भुगतान प्राप्त करने से पहले किसी भी प्रकार का शुल्क न भरें।
- किसी भी तरह की व्यक्तिगत जानकारी जैसे आधार नंबर, बैंक डिटेल या पासवर्ड, सोशल मीडिया पर साझा न करें।
- अगर कोई खुद को पुलिस या सरकारी एजेंसी का प्रतिनिधि बताता है और गिरफ्तारी या किसी तरह की बात करता है तो उसे नजरअंदाज करें।
- अगर कोई काॅल करके यह कहता है कि आपके नाम से पार्सल विदेश से आया है, तो सतर्क हो जाएं। केवल कंपनी के आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर जानकारी प्राप्त करें।
- अगर कोई रिश्तेदार या परिचित आर्थिक मदद मांग रहा है तो काल या वीडियो काल से उसकी सच्चाई की जांच करें।

 
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यहां करें शिकायत
किसी भी साइबर अपराध की शिकायत सबसे पहले हेल्पलाइन नंबर 1930 पर करें। साथ ही स्थानीय थाने या स्थानीय साइबर थाने में भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। जल्दी शिकायत दर्ज कराने पर उतनी ही जल्दी बैंक खाता फ्रीज कर पैसे वापस कराने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। साथ ही रुपये वापस मिलने की संभावना भी बढ़ जाती है।

 
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