शिक्षिका के व्यवहार के कारण ही गई मासूम की जान
सूचना मिलते ही थाना पुलिस, खंड शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ पाठक और एसडीएम छिबरामऊ मौके पर पहुंचे। अधिकारी परिजनों और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय प्रशासन की लापरवाही और शिक्षिका के व्यवहार के कारण ही मासूम की जान गई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ पाठक का कहना है घटना से संबंधित जानकारी साथ में पढ़ रहे बच्चों से ली गई है।
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बच्ची को डांटना और भागने की बात संज्ञान में नहीं
इसमें बच्चों का कहना है कि सुबह प्रेयर के समय शिक्षकों द्वारा रोजमर्रा के नैतिक नियमों को समझाया जा रहा था कि साफ सुथरे होकर विद्यालय आए नाखून काटने के लिए बोला गया था। बच्ची को डांटना और भागने की बात संज्ञान में नहीं है। फिर भी मामले से संबंधित जानकारी कर कार्रवाई की जाएगी। वहीं प्रभारी निरीक्षक जयंती प्रसाद गंगवार का कहना है अभी प्रार्थना पत्र नहीं मिला है। परिजनों से प्रार्थना पत्र देने की बात कही जा रही है। सीओ तिर्वा कुलबीर सिंह, इंस्पेक्टर छिबरामऊ विष्णुकांत तिवारी समेत अन्य जिला प्रशासन मौजूद रहा।