10 नामजद व 40-42 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट
उनके समर्थकों ने भी पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की करते हुए हाथापाई की। इस प्रकरण के बाद अगले दिन तीन जून को सदर कोतवाली में सांसद सुब्रत पाठक सहित 10 लोगों के खिलाफ नामजद व 40-42 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। सांसद ने मारपीट की बात को गलत बताया था।
अब तक इस प्रकरण की जांच शुरू नहीं
उन्होंने इसके लिए मंडी में लगे सीसीटीवी की जांच करवाने की बात कही थी। हालांकि रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी पुलिस की ओर से अब तक इस प्रकरण की जांच शुरू नहीं हुई है। शनिवार की सुबह से एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इससे घटना की स्थिति स्पष्ट हुई है।
आठ दिन बाद बाहर आया मंडी का वीडियो
दो जून की रात हुई घटना के बाद से यह पूरा मामला सुर्खियों में है। सांसद की ओर से हर बार सीसीटीवी की जांच की बात कही गई। धक्का-मुक्की और मारपीट की घटना से इंकार करते हुए उनका यही तर्क रहा कि सीसीटीवी की जांच करवा ली जाए, अगर वह ऐसा कुछ करते दिख जाएं तो कार्रवाई की जाए।
पुलिस की ओर से नहीं आया बयान
सीसीटीवी में अगर मारपीट न दिखे तो उनके खिलाफ आरोप लगाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। हालांकि पुलिस की ओर से उनके आरोप पर कोई बयान नहीं आया। घटना के आठ दिन बाद 10 जून को मंडी में लगे सीसीटीवी का फुटेज बाहर आया है।पुलिस की ओर से कोई बयान नहीं दिया गया है।
सपा ने ट्वीट कर पूछा, कब चलेगा बुलडोजर
चौकी इंचार्ज को थप्पड़ मारने का वीडियो सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी ने अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया है। लिखा है, ‘ये रहा प्रमाण। अब कार्रवाई करें सीएम। इस वीडियो में कन्नौज के भाजपा सांसद सुब्रत पाठक स्पष्ट रूप से अपने गुंडों के साथ चौकी इंचार्ज को थप्पड़ मारते हुए दिखाई दे रहे हैं। खाकी वर्दी पर हाथ उठाने वाले गुंडई प्रवृत्ति के भाजपा सांसद और उनके गुंडों पर कब चलेगा बुलडोजर।
सांसद बोले, पुलिस की एफआईआर से मेल नहीं हो रहा वायरल वीडियो
वीडियो वायरल होने के बाद सांसद सुब्रत पाठक ने पुलिस को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने एफआईआर में लिखा है कि पुलिस कर्मियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया, उनकी वर्दी फाड़ी गई। वायरल वीडियो में ऐसा कुछ नहीं दिख रहा है। वीडियो में एफआईआर की बात की पुष्टि नहीं हो पा रही है।
सपा वालों के पास कैसे पहुंचा वीडियो
कहा कि मैं शुरू से बोल रहा हूं कि मैं वहां गया था, लेकिन किसी तरह की घटना को अंजाम नहीं दिया है। मैंने वहां बीच-बचाव किया था। उन्होंने सवाल खड़ा किया कि जब सीसीटीवी का वीडियो पुलिस के कब्जे में है, तो यह सपा वालों के पास कैसे पहुंच रहा है।