अंकपत्र लेकर कॉलेज से निकली छात्रा को लौटते वक्त चार युवकों ने अपहरण कर लिया और एटा ले जाकर खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों ने उसे चूहामार दवा दे दी। इसके बाद छिबरामऊ के पास बदहवास हालत में फेंककर भाग गए। जिंदगी और मौत की जंग लड़ते हुए राजकीय मेडिकल कॉलेज तिर्वा में सोमवार को छात्रा ने अपनी आखिरी सांसों के साथ जो बयान दिया, उससे पुलिस महकमे में खलबली मच गई। उसने बताया कि चार युवकों ने चूहा मारने की दवा खिला दी थी।
अंकपत्र लेने ग्राम गुनहा स्थित कॉलेज गई छात्रा जब घर नहीं लौटी तो परिजन के पैरों तले जमीन खिसक गई। आरोप है कि परिजन ने तुरंत कुसुमखोर पुलिस चौकी व सदर कोतवाली के चक्कर काटे, लेकिन खाकी की लापरवाही के चलते कोई कार्रवाई नहीं हुई। अगले दिन जब छात्रा छिबरामऊ के पास मरणासन्न हालत में मिली, तो परिवार में कोहराम मच गया। मेडिकल कॉलेज में जिंदगी की अंतिम घड़ियां गिन रही छात्रा ने बदहवास हालत में अपने साथ हुई दरिंदगी का सनसनीखेज सच उगला। छात्रा ने बताया कि आरोपी उसे एटा ले गए, जहां उसके साथ गलत काम किया गया और जबरन चूहामार दवा खिला दी गई। बयान दर्ज कराने के कुछ ही देर बाद, सोमवार दोपहर करीब 12 बजे जिंदगी की जंग हार गई।