आरोपी के जेल में होने के कारण बढ़ाई गई धाराओं पर कोर्ट की अनुमति लेना आवश्यक होता है। इसी वजह से शनिवार को विवेचक जय प्रकाश शर्मा ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर दुष्कर्म तथा पॉक्सो एक्ट की संशोधित धाराओं में मुकदमा चलाने का निवेदन किया। इसको लेकर अभियोजन पक्ष तथा बचाव पक्ष के अधिवक्ता शिव कुमार की करीब डेढ़ घंटे तक बहस हुई।
धारा परिवर्तन के लिए दे दी है अनुमति
बचाव पक्ष की दलील थी कि पुलिस पीड़िता को बरगला रही है। वहीं, अभियोजन पक्ष ने कोर्ट को बताया कि पुलिस के पास साक्ष्य हैं, जिसके आधार पर दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की संशोधित धाराओं को बढ़ाया जाना आवश्यक है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) ने धारा परिवर्तन के लिए अनुमति दे दी है। अभियोजन पक्ष के शासकीय अधिवक्ता नवीन कुमार दुबे ने बताया कि अब आरोपी नवाब सिंह यादव पर दुष्कर्म का मुकदमा चलेगा।
बढ़ाईं गईं यह धाराएं
1. भारतीय न्याय संहिता की धारा 65 (1) - दुष्कर्म
2. 3/4 पॉक्सो एक्ट - नाबालिग के साथ दुष्कर्म
3. 16/17 पॉक्सो एक्ट - नाबालिग के साथ आपराधिक षड़यंत्र
4. भारतीय न्याय संहिता की धारा 238 - साक्ष्य मिटाना
इन धाराओं का हुआ लोप
1. भारतीय न्याय संहिता की धारा 76 - छेड़खानी या दुष्कर्म का प्रयास।
2. 7/8 पॉक्सो एक्ट - नाबालिग के साथ छेड़छाड़।