प्रशासन की ओर से नहीं की गई कोई सख्त कार्रवाई
पिछले कुछ महीनों में ऑटो और ई-रिक्शा के माध्यम से टप्पेबाजी की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। यात्रियों से मोबाइल, पर्स और अन्य कीमती सामान छीनने की वारदातें बढ़ती जा रही हैं। इन सबके बावजूद भी प्रशासन की ओर से कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि शहर के प्रमुख चौराहों की निगरानी का जिम्मा पीआरडी जवानों के हवाले है।
बड़े हादसों का कारण बन सकती हैं लापरवाहियां
जो अधिकतर मामलों में मौजूद ही नहीं रहते। नतीजतन, ऐसे चालक कानून की आंख में धूल झोंकते हुए खुलेआम मनमानी कर रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऑटो और ई-रिक्शा चालकों का सख्ती से सत्यापन कराया जाए। साथ ही, शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर त्वरित कार्रवाई की जाए। यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो ये लापरवाहियां बड़े हादसों का कारण बन सकती हैं।