99 प्रतिशत गणना प्रपत्र वितरित हो चुके हैं
न तो बीएलओ को प्रशिक्षण मिला है, न ही बीएलए को। ऐसे में फार्म रिजेक्ट होने और वोट कटने की आशंका बढ़ जाती है। कहा कि अधिकारी भी स्वीकार कर रहे हैं कि एसआईआर बिना तैयारी के लागू किया गया है। चुनाव आयोग का दावा है कि 99 प्रतिशत गणना प्रपत्र वितरित हो चुके हैं, जबकि जमीनी हकीकत इससे अलग है। कई गांवों में बीएलए और बीएलओ आपस में बैठकर “सेटिंग” के आधार पर काम कर रहे हैं।
भ्रष्ट हो गई है पुलिस व्यवस्था
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा मुद्दों पर हार चुकी है। महंगाई बढ़ी, किसानों की आय दोगुनी नहीं हुई और पुलिस व्यवस्था भ्रष्ट हो गई। ऐसे में भाजपा एसआईआर के बहाने चुनावी माहौल को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है, ताकि तीन–चार महीने निकाल सकें। इस दौरान जिलाध्यक्ष कलीम खान, सयुस प्रदेश उपाध्यक्ष हसीब हसन, पूर्व विधायक कलियान सिंह दोहरे, मनोज दीक्षित, नितिन यादव, शिब्बू तिवारी, श्याम सिंह यादव, योगेश शर्मा सहित कई सपा नेता मौजूद रहे।