अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत निर्माणाधीन रेलवे स्टेशन का लिंटर गिरने के मामले में अब शटरिंग ठेकेदार को मुख्य आरोपी बनाया गया है। अमर उजाला ने रेलवे की एफआईआर पर सवाल खड़े किए थे। जिस पर जीआरपी के अधिकारियों ने उसे विवेचना में शामिल किया है। उसकी तलाश में तीन टीमों का गठन किया गया है।
पीएम गति शक्ति रेलवे के अधिशासी अभियंता विपुल माथुर ने जीआरपी थाना फर्रुखाबाद में ठेकेदार रामविलास राय, इंजीनियर सूरज प्रकाश मिश्रा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया गया था कि ठेकेदार व इंजीनियर की लापरवाही से शटरिंग टूटने से निर्माणाधीन रेलवे स्टेशन का भवन गिर गया और 26 मजदूर घायल हो गए। घटना के बाद रेल आवागमन में बाधा आई। मुकदमे की विवेचना जीआरपी थानाध्यक्ष संदीप तोमर कर रहे हैं। मंगलवार को विवेचक ने घटनास्थल का निरीक्षण कर नक्शा नजरी बनाया। जांच में पता चला कि शटरिंग ठेकेदार बरेली का हनीफ था। चालीस फुट ऊंचे लिंटर को डालने के लिए लोहे के गर्डर लगाने चाहिए थे, लेकिन ठेकेदार हनीफ ने बीच के हिस्से में लोहे के गर्डर लगाए। चारों किनारों पर लकड़ी की बल्ली लगा दीं।
बल्ली के खिसकने के कारण ही लिंटर गिर गया। हनीफ ने बरेली से गर्डर मंगाने की जगह स्थानीय शटरिंग ठेकेदार से बल्लियां मंगवाकर लगाईं थीं। विवेचक ने मुकदमे में हनीफ को मुख्य आरोपी बनाया है और उसकी तलाश भी शुरू कर दी। हनीफ मोबाइल स्विच ऑफ करके फरार हो गया है। सर्विलांस के जरिए उसके नंबर पर संपर्क में आए लोगों का पता लगाया जा रहा है। थानाध्यक्ष संदीप तोमर ने बताया कि बरेली के शटरिंग ठेकेदार को आरोपी बनाया गया है, उसकी लापरवाही के कारण ही हादसा हुआ। वह बरेली से लोहे गार्डर लगाता तो यह हादसा नहीं होता। हनीफ की तलाश की जा रही है, शीघ्र ही उसको गिरफ्तार किया जाएगा।
कन्नौज हादसा
- फोटो : अमर उजाला
हादसे के बाद कार्यदायी संस्था आशुतोष इंटरप्राइजेज बलिया का मालिक एवं ठेकेदार राम विलास राय पूर्वांचल की तरफ भाग गया है। पुलिस ने उसका नंबर सर्विलांस पर लगाया तो उसकी लोकेशन पूर्वांचल में ही मिली है। बताया जा रहा है कि वह सपा सरकार में मंत्री रहे नारद राय का रिश्तेदार है। कार्रवाई से बचने के लिए वह नेताओं के संरक्षण में चला गया है। हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ, फिर भी ठेकेदार की लापरवाही है कि उसने काम को गुणवत्तापूर्ण तरीके से नहीं कराया है।
बिल्डिंग मैटेरियल की जांच करेगी रेलवे की निर्माण इकाई
रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि जिस दिन हादसा हुआ, उसी दिन बिल्डिंग मैटेरियल का सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया गया था। इसकी जांच रेलवे की निर्माण इकाई करेगी। यदि भवन निर्माण सामग्री घटिया मिली तो उस मामले में भी एक एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। रेलवे के जन संपर्क अधिकारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि हादसे की जांच रेलवे की उच्चस्तरीय टीम कर रही है। जांच में जो तथ्य निकलकर सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई होगी।