कामधेनु योजना पशुपालन ही नहीं स्वरोजगार का प्रयास भी है। योजना में गोबर
गैस संयंत्र समेत अन्य सहयोगी माध्यमों से रोजगार सृजन भी किया जाता है।
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत अब गोबर संयंत्र और जनरेटर व्यवस्था
को अनिवार्य बना नई पहल की गई है।
देहात में कामधेनु योजना के अंतर्गत
6 पात्रों का किया जाना था। 1 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से संचालित होने
वाली योजना में मात्र तीन लोगों के स्वीकृति पत्र जारी किए गए हैं। जिसके
बाद लाभार्थी मो. सईद, अश्विनी चौबे और शिव महिमा कामधेनु योजना का संचालन
कर रहे हैं।
इस योजना को वृहद रूप दिया जा रहा है। मुख्य पशु
चिकित्साधिकारी डा. विजय सिंह ने बताया कि योजना में गोबर गैस संयंत्र
लगाना अनिवार्य है। यह संयंत्र कामधेनु योजना से जुड़े लोगाें को प्रत्यक्ष
और परोक्ष रूप से लाभ देगा। इसके साथ ही 10 केवीए का जेनरेटर लगाना
अनिवार्य होगा।
दोनों की स्थापना के लिए 15 लाख रुपये का बजट निर्धारित है।
योजना के पात्र लाभार्थी गोबर गैस प्लांट के लिए निजी फर्मों से भी लाभ ले
सकते हैं। जिसमें नेडा व अन्य पंजीकृत फर्मों से योजना का लाभ लिया जा
सकता है। इसके लिए 15 लाख रुपए की धनराशि भी निर्धारित की गई है। यह धनराशि
संपूर्ण योजना लागत में शामिल है।