कालिंदी एक्सप्रेस धमाका (फाइल फोटो)
कानपुरः कालिंदी एक्सप्रेस धमाके के मामले में जीआरपी की जांच अब सुस्त पड़ गई है। डेढ़ महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी अभी तक हैंडराइटिंग के दोबारा नमूने नहीं भेजे जा सके हैं।
20 फरवरी को बर्राजपुर रेलवे स्टेशन पर कालिंदी एक्सप्रेस की जनरल बोगी के शौचालय में धमाका हुआ था। जीआरपी फर्रुखाबाद ने मामला दर्ज किया था। पुलिस व जीआरपी ने शिवराजपुर के मक्कापुरवा गांव के एक दर्जन संदिग्ध युवकों से पूछताछ की थी। इसमें एक कथित पत्रकार भी था।
पुलिस को शक था कि रंजिश में दूसरे पक्ष को फंसाने के लिए उसी ने धमाका कराया और डायरी छोड़ी। जीआरपी ने डायरी की हैंडराइटिंग मिलाने के लिए कई लोगों के नमूने भेजे थे। खामियां होने की वजह से नमूने वापस भेज दिए गए थे। जीआरपी इंस्पेक्टर मुकेश मलिक का कहना है कि जल्द ही हैंडराइटिंग के नमूने दोबारा लैब भेजे जाएंगे।
पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप
बुधवार को मामले का संदिग्ध आरोपी कथित पत्रकार ने पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगा एसएसपी कार्यालय पहुंचकर प्रार्थना पत्र दिया। बताया कि लगातार पूछताछ की जा रही है। हर रोज बुलाया जाता है। वह परेशान हो गया है। घटना में उनकी कोई भूमिका नहीं है।