कालिंद्री एक्सप्रेस के शौचालय में धमाका( फाइल फोटो)
कानपुर में शिवराजपुर के बर्राजपुर स्टेशन पर बुधवार को कालिंदी एक्सप्रेस में हुए विस्फोट के मामले में जीआरपी फर्रुखाबाद और शिवराजपुर थाना पुलिस ने मक्कापुरवा और आसपास के गांवों में दबिश दी। आठ और लोगों को पूछताछ के लिए उठाया है। सूत्रों के मुताबिक जांच शिवराजपुर इलाके में टिकी है।
जांच टीम में शामिल एक अफसर का कहना है कि मक्कापुरवा गांव के बंटी, रवि व एक अन्य का नाम आया है। इन तीनों को गांव के अमर सिंह, गिन्ना की मुखबिरी पर शिवराजपुर पुलिस ने मोबाइल लूट में जेल भेजा था। इन तीनों ने अमर और गिन्ना को फंसाने के इरादे से डायरी में नाम लिखे हैं। बंटी व रवि और उनका साथी परिवार समेत घर से गायब हैं। मोबाइल भी बंद हैं। दोनों तमिलनाडु खिलौने बेचने जाने की बात कहकर घर से निकले थे। धमाके के वक्त तीनों की लोकेशन बर्राजपुर स्टेशन व उसके बाद गांव में लोकेशन मिली है।
एसपी ग्रामीण प्रद्युम्न सिंह का कहना है कि आतंकी साजिश के कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। जिस बोगी में धमाका हुआ था, उसमें यात्रा करने वाले दैनिक यात्रियों की सूची पुलिस ने तैयार की है। उसमें पांच यात्रियों से पुलिस टीम ने रविवार को भी पूछताछ की। जीआरपी प्रभारी मुकेश मलिक ने बताया कि डायरी में लिखे कानपुर और कश्मीरी लोगों के नाम सही प्रतीत नहीं हो रहे हैं। पुलिस को भटकाने के लिए ऐसा किया है।