कानपुर। सिलिंडर की कमी के चलते काकादेव कोचिंग में संचालित कई मेस बंदी के कगार पर पहुंच गई है। कई ने खाना महंगा कर दिया है जिस कारण यहां हॉस्टल में रहने वाले छात्रों पर आर्थिक भार बढ़ गया है। इसके अलावा कई मेस और ढाबों ने तवा रोटी बंद कर तंदूर रोटी देना शुरू कर दिया है।
काकादेव स्थित आनंदेश्वर ढाबे की मेस में गुरुवार रात हॉस्टल में रहने वाले छात्रों की भीड़ लगी रही। कई छात्र तवा रोटी की मांग कर रहे थे लेकिन सिलिंडर की कमी के कारण तवा रोटी बनाना बंद कर दिया गया है। तंदूर रोटी से ही काम चलाया जा रहा है। पहले सब्जी गैस चूल्हे पर बनती थी लेकिन अब सिलिंडर न मिलने के कारण कारीगर तंदूर की भट्ठी में तेल गर्म करके सब्जी बना रहे हैं। कारीगरों का कहना है कि अगर दो दिन तक यही स्थिति रही तो मेस बंद करनी पड़ सकती है।
क्षेत्र में मेस चलाने वाले मोनू शुक्ला ने बताया कि मेस में रोज लगभग 150 लोगों के लिए खाना बनता है। गुरुवार रात तक तो किसी तरह खाना बनाया गया लेकिन सिलिंडर न मिलने की वजह से शुक्रवार से मेस पूरी तरह बंद कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि उनकी रसोई तीसरी मंजिल पर है, इसलिए वहां कोयला या लकड़ी ले जाना मुश्किल है। प्रतियोगी छात्र रिषभ व अनुराग का कहना है कि तीन दिन पहले तक मेस में प्रतिमाह 2200 रुपये जमा करने के बाद खाना मिलता था। अब इसे बढ़ाकर 2500 रुपये कर दिया गया है। छात्रों का कहना है कि मजबूरी में अतिरिक्त पैसे देने होंगे।
ऑनलाइन ऑर्डर में भी देरी
काकादेव के कई ढाबों से स्विगी और जोमैटो के जरिये भी खाना जाता है। सिलिंडर की कमी के कारण गुरुवार रात डिलीवरी बॉय को खाना लेने के लिए करीब आधा घंटा इंतजार करना पड़ा। डिलीवरी बॉय अमन तिवारी और रिंकू कुमार ने बताया कि देर होने से कई बार ग्राहक नाराज होकर ऑर्डर कैंसिल कर देते हैं।
ढाबे में सिलिंडर लगभग खत्म होने की स्थिति में है। तवा रोटी बंद करके तंदूरी रोटी से काम चलाया जा रहा है। प्रशासन को इस समस्या पर ध्यान देना चाहिए।
-अनुराग शुक्ला, ढाबा संचालक
काकादेव में बड़ी संख्या में छात्र रहते हैं। सिलिंडर की किल्लत के कारण खाना महंगा हो गया है जिससे बाहर से पढ़ने आए छात्रों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
-अक्षय ग्रोवर, हॉस्टल संचालक