विरोध प्रदर्शन उग्र होने पर सराफा कारोबारी आपस में भिड़ गए।
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कानपुर। 28 दिनों से शांतिपूर्वक धरना प्रदर्शन कर रहे सराफा कारोबारियों का विरोध बुधवार को 29वें दिन उग्र हो गया। सराफा कारोबारियों में फूट पड़ने से वे आपस में भिड़ पड़े। एक धड़ा शांतिपूर्ण धरने की बात कहता रहा तो दूसरे ने बड़ा चौराहा जाम करके बाइकों, कारों और साइकिलों की हवा निकाल दी। जबरन निकलने की कोशिश कर रहे लोगों से अभद्रता की। विरोध करने वाले कुछ बाइक सवारों को पीट दिया। शहर की लाइफ लाइन कही जाने वाली सड़क पर लोग डेढ़ घंटे तक जहां के तहां ठहरे रहे। जाम का असर वीआईपी रोड, फूलबाग, चुन्नीगंज तक रहा। स्कूली बच्चे, एंबुलेंस फंसी रहीं और पुलिस तमाशा देखती रही।
ज्वैलरी पर एक्साइज के विरोध में उत्तर प्रदेश सराफा एसोसिएशन के आह्वान पर शहर के सभी सराफा संगठनों से जुड़े सैकड़ों कारोबारी दोपहर 12 बजे फूलबाग मैदान से पैदल मार्च करते हुए बड़ा चौराहा पर एकत्र हुए और वहीं धरने पर बैठ गए। वित्त मंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए युवकों ने बड़ा चौराहा से होकर जाने वाले सभी रास्ते बंद कर दिए। कम उम्र लड़कों को दौड़ दौड़कर रास्ता बंद कराते देख अफरातफरी मच गई। बवाल के डर से चूड़ी मार्केट में दुकानदारों ने अपने शटर गिरा दिए। रिजर्व बैंक से परेड चौराहा और कचहरी, वीआईपी रोड से मेस्टन रोड और अन्य लिंक रास्ते वाहनों से ठसाठस हो गए।
जाम के कारण बड़ा डाकघर, जेड स्क्वायर मॉल और उर्सला, कचहरी से निकलने वाले परेशान रहे। प्रमुख सराफा कारोबारियों की सांकेतिक धरना देने की योजना थी लेकिन अन्य संगठनों ने इसका विरोध किया और धरने ने उग्र रूप ले लिया।
प्रदर्शन में रामनाथ महेंद्र, रामकिशोर मिश्रा, गोपाल अग्रवाल, कैलाश अग्रवाल, विनय द्विवेदी, नटवर मिश्रा, साउथ सराफा कमेटी से सुरेंद्र वर्मा, प्रदीप वर्मा, कमल वर्मा, सत्येंद्र वर्मा, चौक सराफा पिंटू अग्रवाल, पुष्पेंद्र जायसवाल, पंकज अरोड़ा आदि शामिल रहे।