कानपुर में बस के लिए ‘बेबस यात्री’ मजबूर होकर इधर-उधर भटकते रहे। मेजर सलमान खान बस अड्डा (झकरकटी) में अतिरिक्त बसों के सभी दावे फेल हो गए। एक नहीं सभी रूटों पर बसों की गंभीर समस्या बनी रही। यात्रियों को पांच घंटे से भी अधिक समय तक इंतजार करने के बाद भी बस नहीं मिली। बस अड्डे पर देर रात तक हजारों यात्री बस के लिए इधर-उधर भटकते रहे।
रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) नीरज सक्सेना का दीवाली पर 300 सौ से अधिक अतिरिक्त बसें लगाने का दावा खोखला निकला। एक नहीं बल्कि सभी रूटों पर यात्रियों को भारी मुसीबत झेलनी पड़ी। झकरकटी बस अड्डे पर गुरुवार देर शाम से रात तक हमीरपुर, महोबा, रायबरेली, इलाहाबाद, गोरखपुर, बनारस, बहराइच, बस्ती सहित अन्य सभी रूटों पर यात्रियों में बस के लिए मारामारी मची रही। अतिरिक्त बस नहीं होने के चलते सैकड़ों यात्रियों को बस ही नहीं मिली और वापस लौट गए। सही सूचना नहीं मिलने के चलते देर रात तक महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग अपना बैग लेकर पूछताछ काउंटर से लेकर बसअड्डे पर भटकते रहे। पूछताछ काउंटर पर आक्रोशित यात्रियों ने जमकर हंगामा किया, लेकिन सुनवाई करने के लिए बस अड्डे पर कोई भी जिम्मेदार विभागीय अफसर नहीं मिला।
क्षेत्रीय प्रबंधक नीरज सक्सेना ने कहा कि झकरकटी बस अड्डे पर सभी रूटों पर अतिरिक्त बसें लगाई गई हैं, लेकिन यात्रियों का बोझ बढ़ने से परेशानी हुई है। जिन रूटों पर यात्रियों का बोझ अधिक है और बसों का इंतजाम किया जा रहा है।