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सैफई रैगिंग: जांच में सामने आई कुलपति व रजिस्ट्रार की लापरवाही, जिलाधिकारी ने की सख्त टिप्पणी

Thu, 22 Aug 2019 12:45 PM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, इटावा
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एसडीएम  सत्यप्रकाश और सीओ मस्सा सिंह की समिति ने सैफई चिकित्सा विश्वविद्यालय में छात्रों के बयान दर्ज किए - फोटो : अमर उजाला
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एसडीएम की अगुवाई में बनी जांच समिति ने हालात के आधार पर इटावा के सैफई चिकित्सा विश्वविद्यालय में छात्रों के साथ रैगिंग होना पाया है। जांच में कुलपति और रजिस्ट्रार की लापरवाही भी सामने आई है। बुधवार को जिलाधिकारी ने सख्त टिप्पणी के साथ जांच समिति की रिपोर्ट शासन को भेजी दी है। 
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सैफई चिकित्सा विश्वविद्यालय में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के 100 से अधिक छात्र छात्राओं के सिर मुंडवाकर रैगिंग का मामला मंगलवार को सामने आया था। छात्रों को हास्टल से कक्षा तक और कक्षा से कैंटीन तक एक लाइन में सिर झुकाकर जाना पड़ता है।

छात्र झुककर सलाम करते हुए जाते थे। सोशल मीडिया के जरिये खबर विश्वविद्यालय परिसर से निकलकर शासन तक पहुंच गई। शासन ने चिकित्सा विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ जिला प्रशासन से भी जवाब तलब कर दिया।
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इस पर बुधवार सुबह जिलाधिकारी जेबी सिंह ने सैफई के प्रभारी एसडीएम सत्यप्रकाश और सीओ मस्सा सिंह की समिति को जांच के लिए चिकित्सा विश्वविद्यालय भेजा। जांच समिति ने सभी छात्रों के बयान दर्ज कर रिपोर्ट को सौंपी। जिलाधिकारी ने रिपोर्ट शासन को भेज दी है। सूत्रों के अनुसार एसडीएम की समिति की जांच में जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग होना माना गया है।

इस रिपोर्ट में ये कहा गया है कि हालांकि किसी छात्र ने रैगिंग होने की शिकायत नहीं की है लेकिन हालात स्पष्ट ये बयां कर रहे हैं कि छात्रों के साथ रैगिंग हुई है। जांच में चिकित्सा विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार और कुलपति राजकुमार की लापरवाही भी सामने आई है। जिलाधिकारी ने शासन को भेजी रिपोर्ट में कुलपति और रजिस्ट्रार के खिलाफ सख्त टिप्पणी की है। 

विश्वविद्यालय की जांच में लीपापोती
शासन से जवाब तलब होने पर कुलपति राजकुमार ने आनन फानन में जांच के लिए विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच समिति बनाई थी। इस समिति को चौबीस घंटे में रिपोर्ट देनी थी। सूत्रों के अनुसार समिति जांच में लीपापोती की है। उस जांच में कहा गया है कि छात्रों ने अपनी मर्जी से सिर मुंडवाए हैं, रैगिंग नहीं हुई है। मीडिया में प्रकाशित खबरें भ्रामक हैं। 

पुलिस भी दबी जुबान स्वीकर कर रही रैगिंग
मंगलवार शाम को करीब 7:30 बजे सैफई थानाध्यक्ष भी फोर्स के साथ चिकित्सा विश्वविद्यालय पहुंचे थे। उन्होंने छात्रों से बयान लिए थे, पुलिस के समक्ष भी छात्रों ने रैगिंग की शिकायत नहीं की। सूत्रों के अनुसार पुलिस भी हालात के अनुसार दबी जुबान रैगिंग मान रही है लेकिन लिखित शिकायत न होने के कारण उसके हाथ बंधे हैं। दरअसल जूनियर छात्र सीनियर छात्रों से डरे हैं। उन्हें अपने करियर भी चिंता है, इसलिए मुंह बंद किए हैं। बड़ी संख्या में छात्रों के सिर मुंडवाने से रैगिंग होने पर भी अंदेशा हो रहा है।
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एसडीएम की अध्यक्षता में बनी दो सदस्यीय टीम से जांच कराई गई है। हालांकि किसी छात्र ने शिकायत नहीं की है लेकिन, जांच समिति हालात को संदिग्ध माना है। विश्वविद्यालय प्रशासन की भी लापरवाही सामने आई है। जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। आगे की कार्रवाई शासन से होगी। 
- जेबी सिंह, जिलाधिकारी, इटावा

आंतरिक कमेटी की जांच में सभी छात्रों ने रैगिंग होने से इनकार कर दिया है। हाई कमेटी की जांच चल रही है। अगर उसमें कोई शिकायत मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी। 
- राजकुमार कुलपति, चिकित्सा विश्वविद्यालय, सैफई
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