कानपुर। मेडिसिन वार्ड 13 में नर्स का कॉलर पकड़ने और झगड़े के मामले में एक जूनियर डॉक्टर के नाम से एफआईआर कराई गई है। जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि मामला अस्पताल का है तो प्रबंधन की ओर से एफआईआर कराई जानी चाहिए। इसमें वादी अगर छात्र को बना दिया गया तो उसकी पढ़ाई बाधित होगी। इस संबंध में मंगलवार को जूनियर डॉक्टरों ने हैलट इमरजेंसी में बैठक की। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला को समस्या बताई।
स्वरूपनगर थाने में नर्स और जूनियर डॉक्टरों से झगड़ा करने के मामले में जूनियर डॉ. कौशल किशोर सिंह की ओर से एफआईआर कराई गई। झगड़ा स्टाफ नर्स सुधा के साथ हुआ था। डॉ. कौशल ने घटनाक्रम की लिखित सूचना कॉलेज प्रबंधन को दी। उसी पर एफआईआर करा दी गई। जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि मामला अस्पताल का है। संस्था की ओर से एफआईआर होनी चाहिए। बाद में जूनियर डॉक्टरों ने प्राचार्य डॉ. काला ने आश्वासन दिया कि किसी को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
मेडिसिन विभागाध्यक्ष एवं प्रोफेसर डॉ. प्रियदर्शी ने बताया कि जूनियर डॉक्टर काम कर रहे हैं। इसके अलावा सीनियर भी राउंड ले रहे हैं। किसी रोगी को दिक्कत नहीं है। जूनियर डॉक्टरों ने बताया कि बैठक के दौरान वे दो-दो साथियों को वार्ड में भर्ती रोगियों की जिम्मेदारी देकर आए थे। आधा घंटे बैठक के बाद सब अपने काम पर आ गए।