इरफान सोलंकी के खिलाफ चल रहे तत्कालीन केस्को एमडी से अभद्रता के मुकदमे की वापसी पर राज्यपाल ने हरी झंडी दे दी है। शासन भी मुकदमा वापस लेने को कई बार डीएम को पत्र भेज चुका था। अब राज्यपाल की सहमति का पत्र आने के बाद मुकदमा वापसी की फाइल फिर निकाली गई है।
अभियोजन की लिखा-पढ़ी शुरू हो गई है। इसके पहले भी पीडब्लूडी मंत्री शिवपाल और सपा विधायक इरफान सोलंकी के खिलाफ चला तिरंगा केक काटने का मुकदमा वापस लिया जा चुका है। तत्कालीन केस्को एमडी रितू माहेश्वरी की तरफ से अधिशासी अभियंता तकनीकी एकेएस चौहान ने ग्वालटोली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसमें कहा गया था कि 15 जून 2011 को सपा विधायक इरफान सोलंकी और नगर सचिव मो. हसन रूमी करीब 20-25 अज्ञात लोगों के साथ आए। इन लोगों ने गेट मैन से लेकर केस्को एमडी के कक्ष तक मिले सभी लोगों को धकियाया, अभद्रता की और जान-माल की धमकी दी।
रिपोर्ट शांति भंग करने, धमकी देकर अपमानित करने, जान-माल की धमकी देने, लोक सेवक पर हमला करने और बलवा (धारा 504, 506, 353, 147) में दर्ज हुई थी। यह मामला सीएमएम कोर्ट में चल रहा है। शासन ने पिछले दिनों इस मुकदमा वापसी पर कई पत्र भेजकर डीएम और एसएसपी से रिपोर्ट मांगी थी।
इस पर यहां से भेजी गई रिपोर्ट में अभियोजन ने कहा था कि मुकदमे में पर्याप्त सबूत हैं। इसलिए मुकदमा वापसी का विरोध किया जाता है। अब फिर से डीएम के नाम शासन का पत्र आया है। इसमें कहा गया है कि राज्यपाल ने मुकदमा वापसी पर सहमति दे दी है। इसलिए अभियोजन मुकदमा वापसी की कार्यवाही करे।
यह पत्र मिलने के बाद कलेक्ट्रेट में रखी इरफान सोलंकी के खिलाफ मुकदमा वापसी की फाइल फिर से चल पड़ी है। एडीएम सिटी अविनाश सिंह ने बताया कि शासन का पत्र और फाइल अभियोजन अधिकारी को भेजी गई है।